भारत की माहेश्वरी चौहान ने फाइनल ओलंपिक क्वालिफिकेशन चैंपियनशिप शॉटगन के समापन दिन महिला स्कीट प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। इसके साथ ही पेरिस ओलंपिक 2024 खेलों के लिए शूटिंग प्रतियोगिता में उन्होंने भारत को 21वां कोटा दिलाया।
भारत की माहेश्वरी चौहान ने दोहा में लुसैल शूटिंग रेंज में इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) फाइनल ओलंपिक क्वालिफिकेशन चैंपियनशिप शॉटगन के समापन दिन महिला स्कीट प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। इसके साथ ही पेरिस ओलंपिक 2024 खेलों के लिए शूटिंग प्रतियोगिता में भारत के लिए 21वां कोटा हासिल किया।
60 शॉट के फाइनल में 54 हिट पर बराबरी पर रहने के बाद माहेश्वरी स्वर्ण पदक के शूट-ऑफ में चिली की फ्रांसिस्का क्रोवेटो चाडिड से 3-4 से हार गईं। यह एक शानदार प्रदर्शन था। क्योंकि यह जालोर की निशानेबाज के लिए पहला आईएसएसएफ फाइनल था। उनके प्रदर्शन ने भारत को महिलाओं की स्कीट में दूसरा पेरिस कोटा स्थान भी दिलाया।
माहेश्वरी ने फाइनल के बाद कहा कि मैं रोमांचित हूं। यहां तक पहुंचने के लिए पिछले कुछ वर्षों में काफी मेहनत करनी पड़ी है। मैं शूट-ऑफ को लेकर थोड़ा निराश हूं, लेकिन कुल मिलाकर, यह बहुत संतोषजनक रहा।
पहले एलिमिनेशन चरण में (20 शॉट के बाद), माहेश्वरी दो निशाने चूकने के कारण चाडिड के बाद दूसरे स्थान पर थी। कजाख ओरिनबे पहले 20 लक्ष्यों में पांच चूक के साथ बाहर होने वाली पहली खिलाड़ी थीं। कोटा की पुष्टि तब हुई जब रिगिना 30 में से पांच शॉट चूक गई और अगले मैच से बाहर हो गई। जैसे-जैसे फाइनल आगे बढ़ा, माहेश्वरी मजबूत होती गई और 50 शॉट्स के बाद लीडर के पास पहुंच गई। माहेश्वरी के पास स्वर्ण जीतने के तीन मौके थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। हालांकि, उनके 121 अंकों ने उन्हें नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड प्रदान किया।