Paris Olympics 2024 Five Controversies: पेरिस ओलंपिक शुरू होने से पहले आयोजक कई बड़े विवादों से जूझ रहे हैं। खेलों के आगाज से पहले पेरिस ओलंपिक आयोजन समिति के सामने इन विवादों से निपटना बड़ी चुनौती होगा। आइए पांच बड़े विवादों पर एक नजर डालते हैं।
Paris Olympics 2024 Five Controversies: 26 जुलाई से पेरिस में शुरू होने जा रहे ओलंपिक से पहले आयोजक कई बड़े विवादों से जूझ रहे हैं। खेलों के आगाज से पहले पेरिस ओलंपिक आयोजन समिति के सामने इन विवादों से निपटना बड़ी चुनौती होगा। फ्रेंच एथलीटों के हिजाब पहनने पर प्रतिबंध हो या श्रमिकों के अधिकारों के हनन का मामला या फिर इजराइल पर बैन लगाने की मांग जैसे बड़े मुद्दे आयोजकों के लिए गले की फांस बने हुए हैं। आइए नजर डालते हैं पांच बड़े विवादों पर...
मेजबान फ्रांस ने खेलों में हिस्सा लेने वाली अपनी एथलीटों के हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया है। हिजाब एक तरह का हैडस्कार्फ होता है जो मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहना जाता है। इस फैसले की कड़ी आलोचना और विरोध हो रहा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने ये पुष्टि की है कि एथलीट खेल गांव में हिजाब पहनने के लिए स्वतंत्र होंगी।
गाजा पट्टी पर इजराइल के युद्ध के प्रकोप का सामना कर रहे फिलिस्तीनियों और उनके समर्थक प्रदर्शनकारियों ने आईओसी से इजराइल को ओलंपिक से प्रतिबंधित करने की मांग की है। 7 अक्टूबर को पूर्वी इजराइल में हमास के हमलों के बाद से गाजा में करीब 15,000 बच्चों सहित 38,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। फिलिस्तीन के समर्थकों की मांग है कि इजराइल को खेलों में भाग नहीं लेने दिया जाए, इसके लिए दुनिया भर में लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, ओलंपिक से संबंधित निर्माण परियोजनाओं पर करीब 181 दुर्घटनाए हुई हैं, जिनमें कई श्रमिक गंभीर घायल हुए हैं। फ्रांस पर कई बार श्रमिकों के अधिकारों के हनन के आरोप लगते रहे हैं। श्रमिक और उनके संघ अपने लिए सुरक्षित परििस्थतियों और वेतन की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पेरिस में विभिन्न हवाई अड्डों पर विमानन श्रमिकों और प्रबंधन के बीच चल रहे विवाद में श्रमिकों ने ओलंपिक में बाधा डालने की धमकी भी दी है।
पेरिस के मध्य में स्थित सीन नदी का पानी कई गुणवत्ता परीक्षणों में विफल रहा है। हालांकि आयोजकों को यहां तैराकी स्पर्धाओं के लिए मंजूरी मिल चुकी है। सीन नदी पर ही ओलंपिक का उद्घाटन समारोह भी होगा। हालांकि भारी बारिश की स्थिति में यहां प्रदूषण का खतरा बढ़ सकता है। अगर तेज बारिश होती है तो तैराकी स्पर्धाओं को स्थगित करना पड़ सकता है। वहीं ट्रायथलॉन स्पर्धा में भी खलल पड़ सकता है।
फरवरी, 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद से रूस और बेलारूस के एथलीटों पर आइओसी ने प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन उन्हें तटस्थ बैनर तले हिस्सा लेने की अनुमति दी थी। हालांकि मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, केवल 16 रूसी व 17 बेलारूसी एथलीटों ने ही तटस्थ बैनर तले ओलंपिक में हिस्सा लेने का निमंत्रण स्वीकार किया है। दाेनों ही देशों के खिलाड़ी टीम इवेंट में हिस्सा नहीं लेंगे। साथ ही वे उद्घाटन समारोह के दौरान सीन नदी पर परेड नहीं कर पाएंगे, और पदक तालिका में दिखाई नहीं देंगे।