Paris Olympic Games 2024 के लिए 1,339 करोड़ रुपए में खेल गांव का निर्माण किया गया है। अब तक ओलंपिक गेम्स पर 8,121 करोड़ रुपए खर्च भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद भारतीय एथलीट खाने की कमी से जूझ रहे हैं।
Paris Olympic Games 2024: भारतीय एथलीट ओलंपिक खेलों में भाग लेने के लिए पेरिस पहुंच चुके हैं। एथलीटों के ठहरने के लिए फ्रांस ने पेरिस से करीब सात किमी उत्तर में स्थित सेंट डेनिस, इले सेंट डेनिस और सेंट ओवेन के पास खेल गांव का निर्माण किया है। करीब 1,339 करोड़ रुपए की लागत से बने खूबसूरत खेलगांव में पहुंचकर भारतीय एथलीट काफी खुश हैं, लेकिन खाने की कमी ने उनकी खुशियों पर पानी फेर दिया है। दरअसल, पेरिस ओलंपिक के खेलगांव में भारतीय एथलीटों के लिए खाने के विकल्प काफी सीमित हैं। इसमें से भी कुछ भारतीय एथलीट पूरी तरह से शाकाहारी भी हैं।
भारतीय युगल बैडमिंटन खिलाड़ी तनीषा क्रास्टो ने कहा, आज खाने में राजमा था, लेकिन जब तक हम वहां पहुंचे, वो खत्म हो चुका था। अब बताइए हम क्या करें? कुछ अन्य भारतीय एथलीटों ने भी इस बारे में शिकायत की है और कहा है कि खाना जल्द खत्म होना बेहद निराशाजनक है। खेलगांव में वैश्विक व्यंजन, हलाल, एशियाई और फ्रेंच खाने के लिए अलग-अलग पांच हॉल हैं।
भारतीय मुक्केबाज कुछ दिन पहले ही खेलगांव पहुंच चुके हैं। लगातार दूसरी बार ओलंपिक खेलों में शिरकत कर रहे अनुभवी मुक्केबाज अमित पंघल ने कहा कि दोपहर का खाना बहुत खराब था। रात के खाने के लिए पंघल ने अपनी सहायक टीम से दाल और रोटी का इंतजाम करने के लिए कहा और वे अब इसी पर निर्भर हैं।
ओलंपिक खेलों में 117 भारतीय एथलीट शिरकत करेंगे, जिनके ठहरने के लिए खेलगांव में 30 अपार्टमेंट उपलब्ध कराए गए हैं। सात मंजिला ब्लॉक बाहर से तिरंगे के रंग में रंगे हुए हैं। भारतीय दल से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि खिलाड़ी अभी सिर्फ यहां के माहौल का लुत्फ उठाना चाहते हैं। जब स्पर्धाएं शुरू होंगी, तब वे इसके बारे में सोचेंगे।
भारतीय ब्लॉक के सामने मेजबान फ्रांस के एथलीट रहते हैं, जिसमें स्टार टेनिस खिलाड़ी राफेल नडाल भी हैं। वहीं, बाईं ओर दिग्गज सर्बियाई टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच, जबकि बाईं ओर इटली के एथलीट रहते हैं।
खेलगांव में कुछ कमियों के बावजूद भारतीय एथलीट यहां के माहौल का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। भारतीय शटलर एचएस प्रणय पास ही स्थिति नदी के किनारे जाकर समय बिता रहे हैं। वहीं, हॉकी टीम के डिफेंडर सुमित और जुगराज सिंह खेल गांव के हर हिस्से का अवलोकन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, पूरा खेलगांव बहुत मज़ेदार है, हम अपना समय कहीं भी गुजार सकते हैं। वहीं, चीन के एथलीटों को शांति पसंद है और वे अपनी बिल्डिंग में कोई शोर-शराबा नहीं चाहते। उनका ब्लॉक सबसे शांतप्रिय माना जा रहा है।
अमेरिका नहीं चाहता कि उनके एथलीट को खाने के लिए बहुत दूर जाना पड़े। इस कारण वे मुख्य डाइनिंग हॉल के पास ही ठहरे हुए हैं। ब्रिटिश एथलीट एक छोटे से आइसलैंड जैसे कॉम्पलेक्स में ठहरे हुए हैं। वहीं, मेजबान फ्रांस के एथलीट तीन बिल्डिंग में ठहरे हैं।