B Sai Praneeth ने कहा कि मोमोटा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को हराने के लिए उन्हें अपने फिटनेस पर और काम करना होगा।
बासेल : भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी बी साई प्रणीत ( B Sai Praneeth) को ने बीडब्लूएफ बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप-2019 में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। वह दूसरे ऐसे पुरुष खिलाड़ी हैं, जिन्होंने विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीता है। इससे पहले 1983 में भारतीय दिग्गज शटलर प्रकाश पादुकोण ने पदक जीता था।
कहा- फिटनेस पर और करना होगा काम
प्रणीत को सेमीफाइनल में विश्व नंबर एक खिलाड़ी जापान के केंटो मोमोटा के हाथों हार का सामना करना पड़ा। केंटो मोमोटा ने प्रणीत को 13-21, 8-21 से हराया। अपनी हार पर प्रणीत ने कहा कि मोमोटा जैसे खिलाड़ियों को हराने के लिए उन्हें अपनी फिटनेस पर अभी और काम करना होगा।
कहा- बहुत कुछ सीखा
प्रणीत ने मैच के बाद कहा कि इस सेमीफाइनल मैच से उन्होंने बहुत कुछ सीखा। उन्हें समझ में आ गया है कि मोमोटा जैसे खिलाड़ी को हराने के लिए इतने से काम नहीं चलेगा। उन्हें और फिट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खाली अच्छा स्ट्रोक मारने से कुछ नहीं होगा, क्योंकि उन्होंने जो भी शॉट मारे वह सबकुछ उठा रहे थे।
दो-तीन गलतियां भारी पड़ी
भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि मैच की अच्छी शुरुआत तो उन्होंने अच्छी की थी, लेकिन धीरे-धीरे मोमोटा ने लय पकड़ी और वह मुकाबला जीत गए। उन्होंने कहा कि ब्रेक के बाद उन्होंने लगातार दो-तीन गलतियां की। इस कारण उन्होंने लय खो दी। लगातार कोशिशों के बावजूद वह अंक नहीं जुटा पा रहे थे। मोमोटा ने उनके सारे शॉट्स के बेहतरीन जवाब दिए।
कहा- यादगार रहा टूर्नामेंट
एक सप्ताह पहले ही अर्जुन पुरस्कार हासिल करने वाले प्रणीत ने कहा कि यह टूर्नामेंट उनके लिए यादगार रहा। विश्व चैम्पियनशिप में यह उनका यह पहला पदक है। यह बहुत बड़ा टूर्नामेंट है। हां, आज का मैच जरूर निराशाजनक रहा, लेकिन कुल मिलाकर टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया।