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Vinesh Phogat को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, एशियन गेम्स 2026 के सेलेक्शन ट्रायल में ले सकेंगी हिस्सा

Vinesh Phogat Latest News: भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने उन्‍हें एशियन गेम्स 2026 के सेलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है।
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Updated: 29 May 2026, 2:54 PM IST
Vinesh Phogat WFI
Vinesh Phogat WFI : WFI के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचीं पहलवान, जानिए क्या है विवाद (फाइल फोटो सोर्स: ANI)

Vinesh Phogat Latest News: सुप्रीम कोर्ट ने पहलवान विनेश फोगट को एशियन गेम्स 2026 के सेलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगर कोई और होता, तो यह अलग लेवल पर होता। उसने देश को गर्व महसूस कराया है। इसके साथ ही सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने हाई कोर्ट के मामले की जांच करने के तरीके और तरीके पर गहरी चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में कोर्ट का आसानी से और जल्दी दखल देना एक समस्या है।

दरअसल, भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की तरफ से दिल्ली हाई कोर्ट के पहलवान को इजाजत देने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगट से कहा कि आप एक बेहतरीन एथलीट रही हैं। लेकिन, देश पहले है। सुनवाई के दौरान जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने कहा कि ये मेडिकल कॉलेज एडमिशन नहीं हैं, ये नेशनल और इंटरनेशनल खेल हैं। ऐसा नहीं हो सकता कि कोर्ट इस तरह से दखल दें और पूरे शेड्यूल को खराब करें।

30-31 मई को होना है ट्रायल

बता दें कि इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने 22 मई को एशियन गेम्स 2026 के लिए आगामी सेलेक्‍शन ट्रायल्स में फोगाट के हिस्सा लेने के लिए मंजूरी दे दी थी। बेंच ने कहा था कि डब्‍ल्‍यूफआई की सेलेक्शन पॉलिसी में उनके जैसी आइकॉनिक खिलाड़ी को चुनने का अधिकार नहीं है, जो मैटरनिटी ब्रेक से लौट रही हैं। हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि डब्‍ल्‍यूएआई 30-31 मई को होने वाले ट्रायल्स की वीडियो रिकॉर्डिंग करे और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) का एक इंडिपेंडेंट ऑब्‍जर्वर मौजूद रहे।

'फुटबॉल में भी हम इसी तरह की समस्याएं'

वहीं, अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट का तुरंत दखल देना, स्पोर्टिंग बॉडीज, एथलीट्स और खिलाड़ियों को प्रभावित करने वाले मुद्दों का आखिरकार समाधान नहीं है। असल में बेंच ने कहा कि कोर्ट का तुरंत और बड़े पैमाने पर दखल विवाद को और बढ़ा सकता है। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि फुटबॉल में भी हम इसी तरह की समस्याएं देख रहे हैं।

'खेल के मुद्दों को तालमेल से सुलझाया जाना चाहिए'

जज ने कहा कि स्पोर्टिंग विवादों का जवाब कोर्ट में नहीं मिल सकता। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि इन मुद्दों को खेल के क्षेत्र में पार्टिसिपेंट्स, खेल संस्थाओं और खिलाड़ियों के बीच मजबूत तालमेल से सुलझाया जाना चाहिए। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि अदालत के हॉल में बहस और तीखी हो जाएगी। आखिर में कोर्ट कमजोर हो जाएंगे।

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29 May 2026, 2:54 PM IST
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