
Team India new jersey colour: FIH वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 15 अगस्त से नीदरलैंड और बेल्जियम की संयुक्त मेजबानी में होने जा रहा है। इस मेगा इवेंट में भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें हिस्सा लेंगी। लेकिन, इससे पहले भारतीय टीम की नई जर्सी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। कुछ दिन पहले ही हॉकी इंडिया ने नई जर्सी जारी की थी, जिसका रंग नीले से बदलकर भगवा (केसरिया) कर दिया गया है। भारत के पूर्व हॉकी कप्तान वीरेन रसकिन्हा इस पर नाराजगी जताई है। बता दें कि सभी खेलों में भारतीय एथलीट नीला रंग पहनते हैं और हॉकी टीम भी इतने सालों में अलग नहीं रही है। नीले रंग का शेड कभी-कभी बदल सकता है, लेकिन बेस रंग हमेशा एक ही रहा है।
रसकिन्हा ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि मुझे कहना होगा कि हॉकी इंडिया ने इंडियन हॉकी के लिए कई अच्छे काम किए हैं, लेकिन यह शर्मनाक है। इंडियन टीम की पहचान हमेशा से ब्ल्यू रही है। मैंने कई सालों तक शान से ब्लू जर्सी पहनी है। फैंस हमारी इंडियन टीम को ब्लू रंग में देखना चाहते हैं। ऑरेंज रंग का क्या लॉजिक है?
हॉकी नेशनल टीम की जर्सी नीले से केसरिया करने पर हॉकी इंडिया के प्रेसिडेंट दिलीप कुमार तिर्की ने कहा कि पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए वर्ल्ड कप 15 अगस्त को नीदरलैंड्स और बेल्जियम में शुरू होने वाला है। इससे पहले, टीम इंडिया की जर्सी लॉन्च की गई, जिसमें ऑरेंज रंग था। मैं टीम इंडिया के नीले रंग के कपड़े पहनने की पुरानी परंपरा को मानता हूं। हमने उस रंग में कई टूर्नामेंट खेले हैं, जिनमें बड़े टूर्नामेंट भी शामिल हैं। मैंने भी नीला पहनकर खेला है। हालांकि, यह बदलाव कोई नया नहीं है। अगर मुझे ठीक से याद है, तो टीम ने 2014 में पीला पहना था और 2018 में हल्का नीला कर दिया था।
उन्होंने आगे कहा कि इस बार, कोच, सपोर्ट स्टाफ, कप्तानों और खुद खिलाड़ियों की तरफ से सुझाव आए। उन्होंने कहा कि चूंकि हॉकी टर्फ नीला है और खिलाड़ियों की किट भी नीली है। इसलिए मैचों के दौरान विज़िबिलिटी कुछ कम हो जाती थी। उन्हें लगा कि इस मुद्दे को सुलझाने की जरूरत है। इसलिए उन्होंने दो रंग के ऑप्शन सुझाए पीला और ऑरेंज। आखिर में ऑरेंज चुना गया, क्योंकि यह हमारे नेशनल फ्लैग के तीन रंगों में से एक है। नारंगी रंग वर्ल्ड कप के बाद अगर टीम या खिलाड़ियों को पसंद नहीं आता है हम भविष्य में इसे निश्चित रूप से बदल सकते हैं।