
नई दिल्ली । आर्सेनल के फुटबॉल स्टार थियो वॉल्कोट इन दिनों हिन्दू धर्म से प्रभावित हो गए हैं । हिन्दू धर्म के सम्मोहन में वॉलकुट इतने मस्त हो गए हैं कि उन्होंने एक खास तरह के टैटू को अपने शरीर पर गुदवाया है,जिसके बाद फॉलोवर्स ने उनके स्पेलिंग मिस्टेक पर उन्हें जम कर ट्रोल किया है। हालाँकि फोटो जको लेकर वॉलकुट इन दिनों चर्चा में हैं । वॉल्कोट ने अपनी कमर पर 'ओम नम: शिवाय' मंत्र का टैटू गुदवाया है। वॉल्कोट ने अपने ट्विटर अकाउंट पर अपना नया टैटू दिखाया है। फुटबॉल के बड़े टूर्नमेंट में से एक इंग्लिश प्रीमियर लीग 2017-18 शुरू होने को है और वॉल्कोट ने इस लीग से पहले अपने फैन्स के सामने इस नए टैटू का खुलासा किया है। इस बार आर्सेनल इस खिताब को अपने नाम जरूर करना चाहेगा और टूर्नमेंट में पहले से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए वह तैयारियों में जुटा हुआ है। पिछले सीजन में आर्सेनल छठे स्थान पर रहा था।
बीज मंत्र के अर्थ को भी समझाया
हिंदू धर्म के अनुसार ओम नम: शिवाय भगवान शिव का बीज मंत्र है, जो उनकी आराधना के लिए बोला जाता है। वॉल्कोट ने इस मंत्र की तस्वीर के साथ अपने फैन्स को इस मंत्र का अर्थ भी बताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है, 'आपका दिल खोलने वाला, नफरत, घृणा और डर को कम करने वाला और अंत तक खुश और प्रफुल्लित रहने का अनुभव देने वाला है यह मंत्र।'
कौन है वॉलकुट
16 मार्च 1989 को पैदा हुए वॉलकुट एक अंग्रेज खिलाडी हैं ,जो जो प्रीमियर लीग के दौरान आर्सेनल क्लब के तरफ से खेलते हैं जबकि अंतरास्ट्रीय स्टार पर वो इंग्लैंड टीम के हिस्सा हैं । वॉलकोट ने बीबीसी यंग पर्सनालिटी ऑफ़ द ईयर अवार्ड सन 2006 ईस्वी में जीती है । वोलकुट का नाम उन युवा खिलाडियों में आता है जिसने इंग्लैंड के लिए हैट्रिक स्कोर कर हमेशा के लिए अपना नाम इग्लैंड फुटबॉल इतिहास में दर्ज कर दिया ।