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ओलंपिक मेडलिस्ट बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन CWG फाइनल में आखिर कैसे गोल्ड जीतने से चूकीं? खुद किया खुलासा

Lovlina Borgohain on CWG Final: ओलंपिक मेडलिस्ट बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स 2026 के फाइनल में आखिर गोल्‍ड मेडल जीतने से कैसे चूक गईं। इसका खुलासा करते हुए उन्‍होंने बताया कि उनके घुटने में चोट थी, जिसकी वजह से उन्‍हें टेप लगाकर खेलना पड़ा।
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भारत

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lokesh verma

Aug 02, 2026

Lovlina Borgohain, CWG 2026 Final,

बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन। (फोटो सोर्स: IANS)

Lovlina Borgohain on CWG Final: कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स 2026 में भारतीय बॉक्‍सर्स ने शनिवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए बैक-टू-बैक कई गोल्‍ड मेडल भारत की झोली में डाले। ओलंपिक मेडलिस्ट बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन से भी भारतीय फैंस को स्‍वर्ण पदक की उम्‍मीद थी, लेकिन वह चूक गईं। लवलीना ने खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में घुटने की चोट के बावजूद मुकाबला किया। उन्होंने कहा कि दर्द को पीछे छोड़ना एलीट लेवल पर एथलीटों के सफर का हिस्सा है। ज्ञात हो कि लवलीना को घुटने पर बड़ी टेप लगाकर मुकाबला करते देखा गया था।

दर्द की वजह से अपने घुटने पर टेप लगाया

लवलीना ने बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा करते हुए बताया कि मेरे घुटने में मामूली चोट थी। लेकिन, यह बॉक्सिंग का हिस्सा है। हर किसी को चोटों के बावजूद मुकाबला करना पड़ता है। मैंने दर्द की वजह से अपने घुटने पर टेप लगाया था। उन्होंने आगे कहा कि फिजिकल परेशानी के बावजूद मुकाबला करना एक सच्चाई है, जिसे हर एथलीट को मानना ​​होगा। किसी को हमेशा इन चीजों से गुजरना पड़ता है। हमेशा से ऐसा ही होता आया है। हमें बस चोटों के बावजूद मुकाबला करना होता है।

हर बड़े टूर्नामेंट में मेडल जीतने वाली सिर्फ तीसरी भारतीय बॉक्सर

बता दें कि कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं की 75 किलोग्राम कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतने के बाद लवलीना मैरी कॉम और विजेंदर सिंह के बाद हर बड़े टूर्नामेंट में मेडल जीतने वाली सिर्फ तीसरी भारतीय बॉक्सर हैं। उन्हें सीधे सेमीफाइनल में बाई मिली और गुरुवार को ग्लासगो 2026 में अपना पहला बाउट जीतकर फ़ाइनल में पहुंचीं, लेकिन फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री से हार गईं।

बाढ़ पीडि़तों को समर्पित किया अपना मेडल

लवलीना ने अपना सिल्वर मेडल बाढ़ पीड़ितों को समर्पित करते हुए कहा कि अभी, असम में हालात बहुत मुश्किल हैं। अपने लोगों को इस हालत में देखकर बहुत बुरा लग रहा है। बाढ़ कम होने के बाद भी इसका असर खत्म नहीं हुआ है। मुझे इस बात के लिए भी बहुत बुरा लग रहा है कि मैं इस मुश्किल समय में असम में नहीं थी।

मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में मेडल का लंबा इंतजार खत्म

लवलीना का यह कॉमनवेल्थ गेम्स में तीसरी भागीदारी रही। इससे इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में मेडल का उनका लंबा इंतजार खत्म हो गया। उन्होंने पहले एशियन गेम्स में सिल्वर और टोक्यो ओलंपिक्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी एक गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं, जिसमें उन्होंने 69 किलोग्राम और 75 किलोग्राम दोनों वेट कैटेगरी में सफलता हासिल की है।

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