
कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद पोडियम पर मीराबाई चानू (बीच में), रजत पदक के साथ मलेशिया की आइरीन हेनरी (दाएं) व कांस्य पदक के साथ वेल्स की निकोल रॉबर्ट्स। (फोटो सोर्स: IANS)
Commonwealth Games 2026: ग्लासगो से लौटने पर रविवार को भारत के कॉमनवेल्थ गेम्स वेटलिफ्टिंग मेडलिस्ट्स का जोरदार स्वागत हुआ। टीम की सफल यात्रा का जश्न मनाने के लिए इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सैकड़ों समर्थक जमा हुए थे। स्वागत करने वालों में ओलंपिक मेडलिस्ट मीराबाई चानू, हैवीवेट वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह और ज्ञानेश्वरी यादव शामिल थे। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए यादगार प्रदर्शन करने के बाद फैंस, परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
मीराबाई ने महिलाओं के 49 किग्रा कैटेगरी में लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ खिताब जीतकर अपनी शानदार विरासत को आगे बढ़ाया। नई दिल्ली पहुंचने के बाद मणिपुर की इस स्टार ने अपने राज्य और देश दोनों का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व जताया। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मणिपुर से होने के नाते मुझे बहुत गर्व है कि मैंने अपने देश के लिए कुछ अच्छा किया है।”
चानू ने कहा, "मैं बहुत उत्साहित हूं कि मेरी कामयाबी को इतने अच्छे से पहचाना गया। मैं इसे जरूर स्वीकार करूंगी। सबसे खुशी की खबर यह है कि भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित कर सकता है। इससे युवा पीढ़ी को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा, और ज्यादा खिलाड़ी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।"
मीराबाई चानू ने कहा, "पूरे भारत की खेल संरचना में बहुत सारे बदलाव हुए हैं। सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए बहुत सहयोग दे रही है, जो खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़ी बात है। अगर वे हर खेल का इसी तरह सहयोग करते रहें, अलग-अलग जगहों पर सही ट्रेनिंग देकर, बड़े खेलों या चैंपियनशिप की तैयारी के लिए हमें विदेश में ट्रेनिंग करने में मदद करें, तो ये सुविधाएं हमारे लिए बहुत फायदेमंद होंगी। अगर वे हर खिलाड़ी और हर खेल को इसी तरह सपोर्ट करते रहें, चाहे वे युवा हों, पदक जीतने वाले हों, या जिन्होंने अभी तक कोई पदक नहीं जीता है, तो युवा पीढ़ी निश्चित रूप से कई बेहतरीन एथलीट तैयार करेगी और पदक भी जीतेगी। हम अभी से भी ज्यादा पदक घर लाएंगे।"
लवप्रीत सिंह ने पुरुषों की +110 किग्रा कैटेगरी में गोल्ड मेडलिस्ट से सिर्फ एक किलोग्राम पीछे रहकर सिल्वर मेडल जीता। पंजाब के इस लिफ्टर ने कुल 388 किग्रा वजन उठाया, जिसमें स्नैच में कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड 176 किग्रा भी शामिल था। पोडियम पर टॉप स्थान से मामूली अंतर से चूकने के बावजूद लवप्रीत ने कहा कि उनका ध्यान अब एशियन गेम्स पर है। उन्होंने कहा, “मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैं कैप्टन विजय सर और उन सभी सीनियर खिलाड़ियों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया। मैं निश्चित रूप से एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतूंगा।”
ग्लासगो से सिल्वर मेडल लेकर लौटीं ज्ञानेश्वरी यादव ने कहा कि उनका परिवार उनकी उपलब्धि से बहुत खुश है। उन्होंने कहा, “मैं 53 किग्रा कैटेगरी में खेलती हूं। मेरा परिवार भी बहुत खुश है। वे मेरी वापसी को लेकर उत्साहित हैं। मैं 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने की कोशिश करूंगी, जो हमारे देश में होंगे।” भारत ने वेटलिफ्टिंग में कुल आठ मेडल आए, जिसमें एक गोल्ड, छह सिल्वर और एक ब्रॉन्ज शामिल था।
Updated on:
02 Aug 2026 05:19 pm
Published on:
02 Aug 2026 05:16 pm
