विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में 73 देशों की 300 मुक्केबाज 10 अलग-अलग भारवर्ग में प्रतिस्पर्धा करती दिखाई देंगी।
नई दिल्ली। भारतीय राजधानी दिल्ली में गुरूवार से शुरू हो रही विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में महिला मुक्केबाजों को शहर में फैले प्रदूषण के चलते अपने मुंह को ढकने के लिए सर्जिकल मास्क, स्कार्फ और टी-शर्ट का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। दिल्ली में फैले प्रदूषण का स्तर सुरक्षित सीमा से कहीं ऊपर है। इस चैम्पियनशिप में 73 देशों की 300 मुक्केबाज 10 अलग-अलग भारवर्ग में प्रतिस्पर्धा करती दिखाई देंगी। टूर्नामेंट की शुरुआत से एक दिन पहले बुधवार को उद्घाटन समारोह का आयोजन होगा।
विदेशी खिलाड़ियों ने की शिकायत-
दूसरे देशों के खिलाड़ी जहरीले स्मॉग को लेकर शिकायत कर चुके हैं। खेतों में बची पराली को जलाने, गाड़ियों और कारखानों में से निकलने वाली जहरीले गैसों से दिल्ली का प्रदूषण साल के इस वक्त में अपने चरम पर होता है। इस मौसम में हवा न चलने से यह समस्या और गंभीर हो जाती है। दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है।
आयोजकों ने मास्क उपलब्ध नहीं कराए-
मंगलवार को प्रदूषण का स्तर बहुत ही गंभीर रूप से बढ़ा हुआ था। पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार हानिकारक कणों(पीएम 2.5) का स्तर 403 पर था, जोकि सुरक्षित सीमा से 8 गुणा ज्यादा है। अधिकारीयों ने शहर में भारी वाहनों की एंट्री बंद कर दी है और कंस्ट्रकशन के कामों पर भी रोक लगा दी गयी है। इसके बावजूद हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है। एजेंसी से बात करते हुए कुछ यूरोपियन मुक्केबाजों ने शिकायत की है कि खराब हवा के कारण उनकी आंखें जल रही हैं। कोचों ने बताया कि उन्होंने आयोजकों से इस बात की शिकायत की है पर अभी तक उन्हें सुरक्षात्मक गियर उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
मैरी कॉम के नेतृत्व में उतरेगा भारतीय दल-
मैरी कॉम के नेतृत्व में भारतीय दल राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार से शुरू हो रही विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेगा। 48 किलोग्राम भारवर्ग में भारत की दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम अपने छठे विश्व चैम्पिनयशिप खिताब की दौड़ में हैं। यह इस चैम्पियनशिप का 10वां संस्करण है। इस संस्करण की खास बात यह है कि इसमें स्कॉटलैंड, माल्टा, बांग्लादेश, केमैन आइलैंड, डीआर कोंगो, मोजाम्बीक, सिएरा लियोन और सोमालिया जैसे देश पदार्पण कर रहे हैं।