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Vinesh Phogat Comback: रेसलर विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, WFI को फटकार, एशियन गेम्स के ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति मिली

डब्ल्यूएफआई ने विनेश को नोटिस भेजकर कहा था कि पेरिस ओलंपिक में वजन ज्यादा होने के कारण उनका बाहर होना देश के लिए शर्म का विषय था। हाई कोर्ट ने कहा कि एक महिला खिलाड़ी को भेजे गए नोटिस में इस तरह की भाषा बेहद अपमानजनक है।

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भारत

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Siddharth Rai

May 23, 2026

Vinesh Phogat

भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट (Pic-ANI)

Vinesh Phogat Comeback: भारतीय रेसलर विनेश फोगाट को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें एशियन गेम्स 2026 के सेलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है। ये ट्रायल्स 30 मई से शुरू होंगे। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि विनेश फोगाट सिर्फ इसलिए ट्रायल की जरूरी शर्तें पूरी नहीं कर पाईं, क्योंकि वह मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) पर थीं। किसी महिला खिलाड़ी को मां बनने की वजह से खेल से बाहर नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने क्या कहा

चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने कहा कि गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद महिला खिलाड़ियों को कई तरह की शारीरिक परेशानियों से गुजरना पड़ता है, लेकिन खेल संस्थाएं अक्सर इन मुश्किलों को नजरअंदाज कर देती हैं। हम गर्भावस्था की वजह से महिला खिलाड़ियों को होने वाली दिक्कतों को नजरअंदाज नहीं कर सकते।

WFI को लगाई फटकार

हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को नोटिस भेजने के लिए भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को भी कड़ी फटकार लगाई। दरअसल, डब्ल्यूएफआई ने विनेश को नोटिस भेजकर कहा था कि पेरिस ओलंपिक में वजन ज्यादा होने के कारण उनका बाहर होना देश के लिए शर्म का विषय था। हाई कोर्ट ने कहा कि एक महिला खिलाड़ी को भेजे गए नोटिस में इस तरह की भाषा बेहद अपमानजनक है।

हाई कोर्ट ने कहा कि खेल मध्यस्थता न्यायालय (सीएएस) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि विनेश की कोई गलती नहीं थी। इसके बावजूद डब्ल्यूएफआई ने ऐसा नोटिस भेजा, जिससे लगता है कि जानबूझकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। डब्ल्यूएफआई का रवैया पुरानी सोच और दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत लगता है।

संन्यास के बाद विनेश की वापसी

उल्लेखनीय है कि विनेश फोगाट को ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गई, क्योंकि कुश्ती ट्रायल्स के लिए केवल उन खिलाड़ियों को योग्य माना गया था, जिन्होंने साल 2025 और 2026 की कुछ खास प्रतियोगिताओं में मेडल जीते थे।

फोगाट ने इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लिया था। उन्होंने 2024 ओलंपिक के बाद संन्यास लेने की घोषणा की थी, लेकिन दिसंबर 2025 में फिर से कुश्ती में वापसी की। कुश्ती महासंघ ने उन्हें नोटिस भेजकर अनुशासनहीता, एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन और वापसी से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन न करने का आरोप लगाया। फोगाट ने अपने ऊपर लगाए आरोपों को नकारते हुए पहले दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। सिंगल बेंच से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने डिवीजन बेंच का रुख किया था।