Samay Raina: दिव्यांगों पर टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त है। कोर्ट ने समय रैना समेत चार अन्य को पेश होने का निर्देश दिया।
Samay Raina Controversy: स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना की मुश्किलें उनके शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' को लेकर लगातार बढ़ती जा रही हैं। शो में दिव्यांगों पर की गई टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने समय रैना सहित चार अन्य लोगों को अगली सुनवाई में पेश होने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के पुलिस आयुक्त को आदेश दिया है कि वे समय रैना समेत सभी संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी करें, ताकि उनकी कोर्ट में उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके। अदालत ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आरोपी तय तारीख पर पेश नहीं होते, तो उनके खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
यह आदेश मेसर्स क्योर एसएमए फाउंडेशन की दायर एक रिट याचिका को लेकर दिया गया।
कोर्ट ने रैना की उस वीडियो क्लिप को भी रिकॉर्ड पर लिया, जिसमें उन्होंने अपनी एक आंख गंवा चुके व्यक्ति और एक ऐसे दो महीने के शिशु का मज़ाक उड़ाया था, जिसे जीवित रहने के लिए 16 करोड़ रुपये के इंजेक्शन की आवश्यकता थी।
यह मामला 'क्योर एसएमए फाउंडेशन ऑफ इंडिया' द्वारा सुप्रीम कोर्ट में उठाया गया था। फाउंडेशन ने अदालत को बताया कि किस तरह शो में दिव्यांगों को लेकर आपत्तिजनक जोक्स किए गए। इस पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने गंभीर नाराजगी जताते हुए कहा था कि कोर्ट इस प्रकार की टिप्पणियों से बेहद व्यथित है।
मामले में जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “हम आरोपों से वास्तव में परेशान हैं और इन घटनाओं को रिकॉर्ड पर रखना चाहेंगे। यदि आपके पास ट्रांसक्रिप्ट के साथ वीडियो है तो उन्हें भी साथ लाएं। संबंधित व्यक्तियों को पक्षकार बनाएं और उपाय सुझाएं, फिर हम देखेंगे।''
बता दें कि एसएमए (स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी) के लिए जीवन रक्षक दवाओं में जोलगेनेस्मा शामिल है, जो थेरेपी है, जिसकी लागत लगभग 16 करोड़ रुपए है।
आवेदन में कहा गया था, ''ऐसी दवाएं देश की अधिकांश आबादी के लिए मुश्किल हैं और पहुंच से बाहर हैं। ऐसे में इस तथ्य का मजाक उड़ाना सही नहीं था।''