
इस्लामाबाद। पाकस्तान ( Pakistan ) में हिन्दू और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही है। बीते दिन एक हिन्दू लड़के के जबरन धर्मांतरण कर शादी करने का मामला सामने आया तो वहीं, अब एक बार फिर से एक हिन्दू मंदिर को ढहाने ( Hindu Temple Demolish ) की खबर सामने आई है।
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत ( Sindh Province ) में भगवान हनुमान के एक मंदिर को तोड़ दिया गया। जानकारी के मुताबिक, इलाके में निर्माण कार्य को लेकर एक बिल्डर ने इस मंदिर का ढहा ( Builder Demolish Hanuman Temple) दिया। इसके बाद घटना की जानकारी मिलते हुए दर्जनों हिन्दू परिवारों ( Hindu Family Protested ) ने मौके पर पहुंच कर विरोध जताया।
हिन्दू परिवारों ने ल्यारी में फिदा हुसैन शेख रोड ( Fida Hussain Sheikh Road ) की तंग सड़कों पर इकट्ठा होकर भारी विरोध किया और जमकर नारे लगाए। इस बीचे मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई की।
पुलिस ने निर्माणाधीन स्थल को सील कर शुरू की जांच
आपको बता दें कि ल्यारी के सहायक आयुक्त अब्दुल करीम मेमन जानकारी मिलते ही पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके व मंदिर का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने निर्माणाधीन स्थल के तीनों दरवाजों को सील कर दिया।
जिस जगह को सील किया गया वहां एक आवासीय भवन बनाया जाना है। अब्दुल करीम मेमन ने कहा कि हमने जांच शुरू कर दी है। इस पूरे इलाके को इसलिए सील किया गया है ताकि बेहतर तरीके से पूरे मामले की जांच की जा सके।
हिन्दू परिवारों में आक्रोश
हनुमान मंदिर को ढहाए जाने को लेकर हिन्दू परिवारों ( Hindu Family ) में भारी आक्रोश है। एक अल्पसंख्यक स्थानीय नेता ने कहा कि मंदिर का तोड़ा जाना अन्याय है। वहीं हीरान लाल नाम के शख्स ने कहा कि इस पूरे इलाके में 18 हिन्दू परिवार रहते हैं। बिल्डर ने उन्हें आश्वासन दिया था कि मंदिर को नहीं तोड़ा जाएगा, लेकिन उसे ढहा दिया गया।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लॉकडाउन ( Lockdown ) के कारण किसी को भी मंदिर में आने की इजाजत नहीं थी। वहीं एक अन्य निवासी ने कहा कि लॉकडाउन का फायदा उठाकर बिल्डर ने मंदिर को ढहा दिया। हिन्दू परिवारों ने मांग की है कि मंदिर को फिर से बनाया जाए।
एक समाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि मंदिर तोड़े जाने का विरोध करने पर हिन्दू परिवारों को बिल्डर ने धमकी दी है। उन्होंने कहा कि जब हमने मंदिर में जाने की कोशिश की तो बिल्डर ने जाने से रोक दिया। बहरहाल, इस पूरे मामले का सच जांच के बाद सामने आएगा। लेकिन यह पहला ऐसा कोई मामला नहीं है। बीते महीने ही इस्लामाबाद में बनने वाले पहले कृष्ण मंदिर के नींव को कट्टरपंथियों ने ढहा दिया था।