HIGHLIGHTS पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ( Pakistan PM Imran Khan ) ने एक बयान में कहा है कि इजरायल ( Israel ) के साथ कभी राजनयिक संबंध ( Diplomatic Relation ) स्थापित नहीं हो सकता है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि जब तक फलीस्तीन ( Palestine ) का मामला हल नहीं होता है, तब तक पाकिस्तान इजरायल ( Pakistan Israel Relation ) को कभी भी स्वीकार नहीं कर सकता है।
इस्लामाबाद। इजरायल ( Israel ) और फलीस्तीन ( Palestine) में दशकों से वेस्ट बैंक ( West Bank ) को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद पर दुनिया के तमाम देशों की राय अलग-अलग है। हालांकि इजरायल लगातार इस पूरे इलाके पर अपना दावा जताता रहा है और फलीस्तीन इसका विरोध करता रहा है।
वेस्ट बैंक के मामले पर पाकिस्तान लगातार फलीस्तीन का समर्थन करता आया है, जबकि इजरायल को लेकर पाकिस्तान ( Pakistan ) की सोच कुछ अलग है। अब इस बीच पाकिस्तान की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ( Pakistan PM Imran Khan ) ने कहा है कि इजरायल के साथ कभी राजनयिक संबंध स्थापित नहीं हो सकता है।
उन्होंने इजरायल के साथ राजनयिक संबंध ( Diplomatic Relation ) स्थापित करने की किसी भी संभावना को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, प्रधानमंत्री इमरान खान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक फलीस्तीन का मामला हल नहीं होता है, तब तक पाकिस्तान इजरायल को कभी भी स्वीकार नहीं कर सकता है।
इजरायल को मान्यता देना कश्मीर पर पड़ेगा भारी
इमरान खान ने मंगलवार को एक निजी टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि इजरायल को लेकर हमारी नीति शुरुआत से ही स्पष्ट है। कायदे आजम मुहम्मद अली जिन्ना ( Mohammad Ali Jinnah ) ने कहा था कि पाकिस्तान इजरायल को तब तक स्वीकार नहीं करेगा, जब तक फलीस्तीन के लोगों को उनका अधिकार और एक स्वतंत्र देश नहीं मिल जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि हम इजरायल को मान्यता दे देते हैं तो इसका सीधा मतलब फलीस्तीनियों पर हो रहे अत्याचार को अनदेखा करना। इतना ही नहीं, इसका असर कश्मीर ( Kashmir Issue ) पर भी पड़ेगा और हमें छोड़ना पड़ सकता है। हम यह नहीं कर सकते हैं।
बता दें कि पाकिस्तान और इजरायल में राजनयिक संबंध नहीं है। दोनों देशों के विमानों को भी एक-दूसरे के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है।
UAE और इजरायल के बीच शांति समझौता
आपको बता दें कि इमरान खान ने यह टिप्पणी संयुक्त अरब अमीरात ( UAE ) और इजरायल के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते के संदर्भ में की है। इजरायल के साथ शांति समझौता बहाल करने वाला UAE तीसरा बड़ा अरब देश बन गया है। इससे पहले इजरायल के साथ जॉर्डन और मिस्र ( Jordan and Egypt ) ने समझौता किया था।
समय के साथ बदलते राजनीतिक और वैश्विक परिदृश्य के मद्देनजर इजरायल के साथ कई देशों की नजदीकियां बढ़ रही है। इसमें मुस्लिम देश भी शामिल हैं। ऐसे में पाकिस्तान का इजरायल से दूरी बनाने को लेकर कई तरह के सवाल पाकिस्तान के अंदर से ही लोग उठा रहे हैं। उठते सवालों के जवाब में इमरान खान ने कहा है कि हर देश की अपनी एक विदेश नीति होती है, जिसपर वह आगे बढ़ता है।
इमरान खान ने साक्षात्कार में इस बात को भी खारिज कर दिया कि सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के रिश्तों में खटास आ गई है। उन्होंने कहा कि सऊदी हमारे प्रमुख मित्रों में से एक है और हमारे संबंध भाईचारे वाले हैं, उसमें कोई बदलाव नहीं आया है।
हालांकि इमरान खान का ये दावा हवा हवाई हो गया। क्योंकि साऊदी अरब ( Saudi Arabia ) के दौरे पर गए पाकिस्तानी सेना प्रमुख बाजवा से प्रिंस सलमान ने मिलने से इनकार कर दिया और उन्हें बेरंग वापस लौटना पड़ा।