HIGHLIGHTS पाकिस्तान ( Pakistan ) की ड्रग वॉचडॉग ( Drug Watchdog ) ने चीनी कंपनी ( Chinese Company ) की सहायता से कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) को विकसित किया है, जिसके तीसरे चरण के क्लिनीकल ट्रायल ( Clinical Trial ) को मंजूरी दे दी है। पाकिस्तान के कोरोना वैक्सीन को CanSinoBio और बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी चीन ( BIB ) ने मिलकर तैयार किया है।
इस्लामाबाद। कोरोना महामारी ( Coronavirus Epidemic ) से पूरी दुनिया जूझ रही है, लेकिन अब उम्मीद है कि बहुत जल्द ही इससे लोगों को निदान मिल जाएगा, क्योंकि कई देशों में कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) को लेकर शोध चल रहा है और कयास लगाए जा रहे हैं कि इस साल के आखिर या 2021 के शुरूआती महीनों तक बाजार में कोरोना वैक्सीन आ जाएगा।
कोरोना वैक्सीन बनाने की दौड़ में पाकिस्तान ( Pakistan ) भी शामिल है और अब एक वैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण को पाकिस्तान ने मंजूरी दे दी है। दरअसल, मीडिया रिपोर्ट में ये कहा गया है कि पाकिस्तान की ड्रग वॉचडॉग ( Pakistan Drug Watchdog ) ने चीनी कंपनी की सहायता से कोरोना वैक्सीन को विकसित किया है, जिसके तीसरे चरण के क्लिनीकल ट्रायल को मंजूरी दे दी है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ( NIH ) के मुताबिक, ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ पाकिस्तान ( DRAP ) से वैक्सीन के फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल ऑफ रिकॉम्बिनेंट नॉवेल कोरोना वायरस वैक्सीन एडिनोवायरस टाइप 5 वेक्टर ( Ad5-nCoV ) के लिए 'औपचारिक मंजूरी' मिल गई है। पाकिस्तान के कोरोना वैक्सीन को CanSinoBio और बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी चीन ( BIB ) ने मिलकर तैयार किया है। NIH ने अपने बयान में कहा है कि पाकिस्तान में किसी भी वैक्सीन के लिए यह पहला मौका है जो तीसरे चरण तक पहुंचा है।
NIH ने आगे अपने बयान में कहा है कि यह एक बहु-देशीय बहु-केंद्रीय क्लिनीकल ट्रायल है। CanSinoBio पहले से ही चीन, रूस, चिली, अर्जेंटीना में ट्रायल कर रहा है और बहुत जल्द ही सऊदी अरब में भी शुरू करेगा।
चीन और रूस ने वैक्सीन का कराया पंजीकरण
आपको बता दें कि दुनिया के कई देशों में कोरोना वैक्सीन बनाने का काम जारी है। अभी आधिकारिक तौर पर कोई भी वैक्सीन बाजार में नहीं आया है। लेकिन रूस और चीन ने अपने-अपने वैक्सीन की घोषणा करते हुए इसका पंजीकरण करा लिया है।
सबसे पहले रूस ने 11 अगस्त को कोरोना वैक्सीन का पंजीकरण करा के दुनिया की पहला कोरोना टीका बनाने का दावा किया। रूस ने इस वैक्सीन का नाम स्पुतनिक-वी ( Sputnik-V ) रखा है, जिसका तीसरे चरण का ह्यूमन ट्रायल पूरा नहीं हुआ है।
वहीं, दूसरी ओर चीन ने भी रूस के बाद अपने एक वैक्सीन का पंजीकरण यानी पेटेंट करा लिया है। चीन के इस वैक्सीन का भी तीसरे चरण का ट्रायल पूरा नहीं हुआ है। इस वैक्सीन को बनाने वाली कंपनी कैनसिनो बायोलॉजिक्स ( Cancino Biologics ) ने दावा किया है कि यदि कोरोना महामारी चीन में फिर से फैलती है, तो वह इस वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर देगी। ऐसा बताया जा रहा है कि चीन ने पहले ही सीमित इस्तेमाल के लिए इसकी मंजूरी दे दी थी, लिहाजा यही पहली कोरोना वैक्सीन है।
आपको बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ( World Health Organization ) की ओर से किसी भी कोरोना वैक्सीन को आधिकारिक तौर पर मंजूरी नहीं मिली है। WHO ने रूसी कोरोना वैक्सीन पर कई सवाल खड़े करते हुए संदेह जाहिर किया है। वहीं ब्रिटेन और अमरीका बहुत जल्द अपने-अपने कोरोना वैक्सीन की घोषणा कर सकते हैं।