
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में सियासी घमासान तेज हो गया है और प्रधानमंत्री इमरान खान की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है। दरअसल, विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
अब आगामी 16 अक्टूबर को सभी विपक्षी दल संयुक्त रूप से एक विशाल रैली का आयोजन करने वाले हैं। इस रैली से पहले ही इमरान खान की बेचैनी बढ़ गई है।
बता दें कि प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। पाकिस्तान के 11 प्रमुख विपक्षी दलों ने इमरान सरकार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए 20 सितंबर को पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट ( PDM ) का गठन किया था।
सत्तारूढ़ इमरान सरकार के खिलाफ PDM पूरे देश में सार्वजनिक बैठकें, विरोध प्रदर्शन और रैलियों का आयोजन करेगा। यह रैली इमरान खान के इस्तीफे की मांग और देश की सियासत में सेना के हस्तक्षेप को रोकने के लिए बनाए गए गठबंधन के कुछ हफ्तों के बाद होगी।
PDM की संचालन समिति के संयोजक एहसान इकबाल ने जानकारी साझा करते हुए बताया है कि देश की तमाम विपक्षी दलों ने एक साथ सरकार के रवैये के खिलाफ एक विशाल रैली निकालने का फैसला किया है। सरकार विरोधी यह पहली बड़ी रैली होगी, जो 16 अक्टूबर को पंजाब प्रांत के गुजरांवाला शहर में आयोजित की जाएगी।
इस रैली में प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफे और देश की सियासत में सेना के हस्तक्षेफ को खत्म करने के लिए आवाज उठाए जाएगी। इससे पहले इस्लामाबाद में इमरान सरकार के खिलाफ विशाल रैली का आयोजन कर चुके मौलाना फजल-उर-रहमान को शनिवार को सर्वसम्मति से ‘पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट’ का अध्यक्ष चुना गया।
बैठक के दौरान पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) सुप्रीमो नवाज शरीफ, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी, बलूचिस्तान नेशनल पार्टी के प्रमुख सरदार अख्तर मेंगल समेत तमाम सदस्य दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।