प्रदेश के 134 मॉडल स्कूलों के भवन बनाकर खण्डहर होने छोड़ दिएप्राइमरी कक्षाओं का संचालन नहीं किया गया शुरू
राजीव दवे . प्रदेश में बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में अध्ययन कराने के लिए हर जिले में मॉडल स्कूल खोले गए। करीब एक साल पहले प्राथमिक व पूर्व प्राथमिक कक्षाओं का संचालन करने के लिए एक अरब रुपए से प्रदेश में 134 नए भवनों का निर्माण किया गया, लेकिन आज तक कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हुआ है। स्कूल भवनों पर ताला जड़ा है। उपयोग होता है तो सिर्फ अध्यापकों के प्रशिक्षण या शिक्षा विभाग के किसी कार्यक्रम के लिए। हैरिटेज लुक वाले कई मॉडल स्कूल भवन तो रखरखाव के अभाव में जीर्ण-शीर्ण होने लगे हैं।
हर स्कूल पर 1 करोड़ रुपए खर्च
प्राथमिक व पूर्व प्राथमिक कक्षाओं का संचालन करने के उद्देश्य से हर जिले के मॉडल स्कूल में लगभग 1 से 1.5 करोड़ की लागत से भवन बनाए गए थे। प्रदेश की 134 मॉडल स्कूलों पर करीब 1 अरब रुपए से अधिक खर्च कर हैरिटेज लुक दिया गया, जिससे कि अभिभावक व बच्चे आकर्षित हो।
मॉडल स्कूलों में बजट का भी टोटा
उधर, मॉडल स्कूलों का संचालन बजट के अभाव में भी प्रभावित हो रहा है। इस साल स्कूलों को अभी तक 3.21 लाख रुपए प्रति स्कूल दिए गए। इसमेें से हर स्कूल के करीब 2 लाख रुपए तो पुस्तकों पर ही खर्च हो गए। स्कूलों को दी गई राशि में से हर माह करीब 15 हजार रुपए का बिजली का बिल और 10 हजार रुपए इंटरनेट आदि पर खर्च हो रहे है। इस तरह तीन लाख रुपए तो बिजली व इंटरनेट के लिए चाहिए। ऐसे में जो बजट दिया गया है, वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है।
प्रदेश में जिलेवार इतने हैं मॉडल स्कूल
अजमेर जिले में 4, अलवर में 10, बांसवाड़ा में 6, बारां में 6, बाड़मेर में 5, भीलवाड़ा में 11, बीकानेर में 1, बूंदी में 4, चित्तौडगढ़ में 10, दौसा में 4, धौलपुर में 1, डूंगरपुर में 5, गंगानगर में 2, जयपुर में 2, जैसलमेर में 3, जालोर में 2, झालावाड़ा में 4, जोधपुर में 9, करौली में 4, नागौर में 9, पाली में 6, प्रतापगढ़ में 1, राजसमंद में 7, सवाईमाधोपुर में 5, सिरोही में दो, टोंक में 5 व उदयपुर में 6 मॉडल स्कूल है।
पाली में इन जगहों पर मॉडल स्कूल
जैतारण, सोजत, रोहट, सुमेरपुर, देसूरी व रानी
अनुपयोगी साबित हो रहे भवन
मॉडल स्कूलों में प्राथमिक व पूर्व प्राथमिक कक्षाओं का संचालन नहीं हो रहा है। इस कारण करोड़ों रुपए की लागत से बने भवन अनुपयोगी साबित हो रहे है। विद्यार्थियों को भी लाभ नहीं मिल रहा है।
बसन्त कुमार ज्याणी, प्रदेश प्रवक्ता, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ, रेस्टा
दो चरण में बने भवन
मॉडल स्कूल में प्राथमिक कक्षाओं के लिए भवन दो चरण में बने। निर्माण हुए करीब एक साल हो चुका है। बजट के लिए हमने मांग कर रखी है। सरकार की ओर से निर्देश मिलने पर प्राथमिक कक्षाएं शुरू करेंगे।
शैतानसिंह सांदू, क्लस्टर इंचार्ज, मॉडल स्कूल