
- ग्रामीण इलाकों में सतर्क रहने के निर्देश
पाली। मारवाड़-गोडवाड़ में पारा 44 डिग्री पर आ गया है। बुधवार को गर्मी व लू के प्रकोप ने हर किसी के पसीने बहा दिए। हालात को देखते हुए चिकित्सा विभाग अलर्ट हो गया है। साथ ही सभी चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट रहने व लू के मरीजों को गंभीरता से देखने को कहा गया है। इधर, शहर सहित जिले में गर्मी से लोग खासे परेशान रहे। गन्ने का रस, लस्सी, कोल्ड ड्रिंस सहित अन्य पेय की मांग रही। दिन में सडक़ें सूनी रही। गर्मी व लू के कारण ट्रैफिक कम रहा।
लापरवाही बरती तो होगी कार्रवाई
चिकित्सा विभाग की ओर से लू को लेकर अभी से ही इंतजाम करना शुरू कर दिए गए हैं। ग्रामीण इलाकों में सभी अस्पतालों में लू की दवाइयां व उपचार सामग्री पहुंचा दी गई है। मरीजों के उपचार में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बांगड़ अस्पताल के ट्रोमा वार्ड में भी लू के मरीजों विशेष प्रबंध किए गए हैं। साथ ही मेडिकल वार्ड में सभी एसी चालू कर दिए गए हैं। जिस वार्ड में एसी चालू नहीं है, वहां शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
गर्मी से शरीर का तापमान कंट्रोल सिस्टम दे देता है जवाब
गर्मियों में शरीर का तापमान कंट्रोल सिस्टम जवाब दे देता है। गर्मियों में शरीर से बार-बार और अधिक मात्रा में पसीना निकलते रहने के कारण शरीर में नमक, पानी और लवणों की कमी हो जाती है। इससे रक्त संचार में बाधा पहुंचती है तथा शरीर के तापमान एकाएक बढऩे लगता है। इससे व्यक्ति लू की चपेट में आकर बीमार पड़ जाता है।
लू लगने के लक्षण
लू लगने के प्रमुख लक्षणों में प्यास लगना, मुंह सूखना, शरीर में जलन, त्वचा लाल गर्म और सूखी हो जाना, मांसपेशियों में ऐंठन होना, पेट दर्द करना, गले में चुभन, आंखों, हाथ-पैर के तलवों में जलन, शरीर का तापमान बढऩा, पसीना न आना, तेज बुखार, बदन में टूटन व दर्द महसूस होना, दिल की धडकऩ बढ़ जाना, घबराहट, बेचैनी, पेशाब गर्म व पीला होना व डायरिया आदि देखने को मिलते हैं।
सभी इंतजाम किए
लू को देखते हुए सभी इंतजाम किए गए हैं। हर वार्ड में लू के लिए मरीजों के लिए दो बेड रिजर्व किए गए हैं। सभी अलर्ट है। किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - डॉ. एडी राव, पीएमओ, बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पाली।