
नामांकन के अंतिम दिन उमड़ा जनसैलाब (पत्रिका फोटो)
Pali Municipal Corporation Elections: पाली नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस की फूट सोमवार को सड़क पर आ गई। नामांकन के अंतिम दिन प्रत्याशियों के सिंबल जमा कराने नगर निगम कार्यालय पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष को कार्यकर्ताओं के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। टिकट बेचने के आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।
बता दें कि विरोध से बचने के लिए जिलाध्यक्ष दूसरे रास्ते से निकले, लेकिन कार्यकर्ताओं की नजर उन पर पड़ गई। कार्यकर्ता उनके पीछे दौड़े तो जिलाध्यक्ष पास के एक निजी अस्पताल में चले गए। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें सुरक्षा के बीच अस्पताल से बाहर निकालकर रवाना किया।
कांग्रेस प्रत्याशियों के सिंबल जमा कराने के लिए दोपहर 2:47 बजे कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा, चुनाव समन्वयक और प्रदेश कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष हेम सिंह शेखावत, शहर अध्यक्ष हकीम भाई और जोगाराम सोलंकी नगर निगम कार्यालय पहुंचे। सिंबल जमा कराने से पहले सभी एक कक्ष में गए और नामांकन फार्मों सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद प्रत्याशियों के सिंबल जमा कराए गए।
इधर, नगर निगम कार्यालय के बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण में मनमानी और टिकट बेचने के आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। सिंबल जमा कराने के करीब 15 से 20 मिनट बाद कांग्रेस पदाधिकारी फिर एक कक्ष में गए और एक लिफाफे से कुछ दस्तावेज निकालकर जांच की।
दोपहर करीब 4 बजे जिलाध्यक्ष नगर निगम कार्यालय से दूसरे रास्ते से बाहर निकले। मुख्य प्रवेश द्वार पर हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं की नजर उन पर पड़ गई। कार्यकर्ता उनके पीछे दौड़ पड़े। इस पर जिलाध्यक्ष पास के एक निजी अस्पताल में चले गए। वहां भी कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया।
सूचना पर कोतवाली थानाप्रभारी रविन्द्र सिंह खींची पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को वहां से हटाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद मोहन हटेला, जीवराज चौहान, प्रकाश सांखला और महावीर सिंह सुकरलाई सहित अन्य लोग अस्पताल पहुंचे और जिलाध्यक्ष को कार में बैठाकर ले गए।
टिकट वितरण से नाराज कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर भी विरोध जताया। यहां भी पुलिस को हस्तक्षेप कर कार्यकर्ताओं को हटाना पड़ा। इसके बावजूद कुछ कार्यकर्ता वहां डटे रहे। उनका कहना था, टिकट तो दे दिया, अब कब तक छिपेंगे। हम भी देखते हैं कि कांग्रेस का प्रचार कैसे करेंगे। जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं की अनदेखी की है।
हमने पारदर्शिता के साथ टिकट फाइनल किए हैं। सूची को अंतिम रूप दिया जा चुका है। शहर अध्यक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोप उनके व्यक्तिगत हैं।
-हेम सिंह शेखावत, चुनाव समन्वयक, नगर निगम चुनाव, पाली
कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हत्या हुई है। पैसे लेकर टिकट दिए गए हैं। अंतिम समय में कई कार्यकर्ताओं के टिकट काट दिए गए। जो कांग्रेस भवन में भी नहीं आया, उसे टिकट दे दिया गया।
-हकीम भाई, शहर अध्यक्ष, कांग्रेस
जिन लोगों को टिकट नहीं मिले, वे मेरे पीछे आ गए थे। इस पर मैं अस्पताल में चला गया। पैसे लेकर टिकट देने जैसे आरोप टिकट नहीं मिलने पर लगाए जाते हैं। हमने पार्टी के कार्यकर्ताओं को टिकट दिए हैं।
-शिशुपाल सिंह राजपुरोहित, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
कांग्रेस जिलाध्यक्ष की ओर से टिकट बेचे गए हैं, जिन लोगों को टिकट देने का कहा गया, उन्होंने नामांकन भी कर दिया। इसके बाद अंतिम समय में उनका नाम काट दिया गया।
-बाबूभाई गौरी, पूर्व पार्षद
Updated on:
01 Sept 2026 11:22 am
Published on:
31 Aug 2026 07:39 pm
