शहर की डेयरी में जल्द ही बड़ा बदलाव होने वाला है। वहां 25 साल पुराने दूध रेफ्रिजरेशन प्लांट को सेवानिवृत्त कर उसकी जगह पर 3 लाख लीटर दूध की क्षमता वाला नया रेफ्रिजरेशन प्लांट बनाने की कवायद की जा रही है। जिसकी लागत करीब 4 करोड़ रुपए आएगी। इसका प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास हो […]
शहर की डेयरी में जल्द ही बड़ा बदलाव होने वाला है। वहां 25 साल पुराने दूध रेफ्रिजरेशन प्लांट को सेवानिवृत्त कर उसकी जगह पर 3 लाख लीटर दूध की क्षमता वाला नया रेफ्रिजरेशन प्लांट बनाने की कवायद की जा रही है। जिसकी लागत करीब 4 करोड़ रुपए आएगी। इसका प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास हो चुका है। इस प्लांट को पाली डेयरी इसी साल शुरू करने का प्रयास कर रही है।
पाली डेयरी में अभी सिर्फ 1 लाख लीटर क्षमता का रेफ्रिजरेशन प्लांट बना है। जो करीब 25 साल पहले बनाया था। डेयरी में रोजाना 1.25 लाख लीटर से दूध जिले के विभिन्न गांवों से आता है। डेयरी में नया रेफ्रिजरेशन प्लांट लगने पर दूध संग्रहण की क्षमता तीन गुना बढ़ जाएगी। इस पर डेयरी अधिक दूध का संग्रहण करेगी तो दूध उत्पादकों को भी लाभ मिलेगा। उनको दूध घर-घर जाकर नहीं बेचना होगा और फेट के आधार पर वे दूध सीधा डेयरी को दे सकेंगे।
दूध संग्रहण क्षमता बढ़ने पर डेयरी में घी का निर्माण भी अधिक हो सकेगा। इससे घी की अधिक मांग होने पर भी लोगों को आसानी से मिलेगा। इसके साथ ही छाछ, दही, श्रीखंड, फ्लेवर्ड मिल्क, आइसक्रीम सहित अन्य उत्पाद भी अधिक बनाए जा सकेंगे।
डेयरी में 3 लाख लीटर का रेफ्रिजरेशन प्लांट लगाने प्रस्ताव बोर्ड में पास हो चुका है। यह प्लांट इसी साल पूरा तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं। डेयरी में अभी लगा प्लांट 25 साल पुराना है।
मदनलाल बागड़ी, प्रबंधक, डेयरी, पाली
डेयरी रेफ्रिजरेशन प्लांट दूध को शीतल रखने, बैक्टीरिया को रोकने और दूध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च क्षमता वाली प्रणाली है। इसमें मुख्य रूप से अमोनिया आधारित कंडेंशर, रेसिप्रोकेटिंग कंप्रेसर, इंसुलेटेड चिलिंग टैंक, प्लेट हीट एक्सचेंजर और स्वचालित कंट्रोल सिस्टम होते हैं। जिससे दूध को खराब होने से बचाने के साथ गुणवत्तपूर्ण रखा जा सकता है।