
ई-सेवा केन्द्र को लेकर चर्चा करते न्यायाधीश व अधिवक्ता।
न्यायिक कार्यों के डिजिटलीकरण के तहत प्रदेश का पहला ई-सेवा केन्द्र पाली न्यायालय में स्थापित किया जाएगा। जिसका उद्घाटन 7 फरवरी को किया जाएगा। ई-सेवा केन्द्र की स्थापना न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल, तेज करना है। इसके साथ ही न्याय प्रक्रिया को आधुनिक समय के साथ डिजिटल बनाना है। इन ई-सेवा केन्द्रों पर निशुल्क सेवाएं दी जाएगी। यहां से प्रकरणों की स्थिति, अगली सुनवाई की तिथि सहित आठ अन्य जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। साथ ही न्यायालय के स्थान व वाद-सूची से संबंधित जानकारी मिलेगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय सुनवाई आयोजित व अटेंड करने की प्रक्रिया, अवकाश पर गए न्यायाधीशों, फाइलिंग एवं ई-फाइलिंग, आरटीआई व ई-आरटीआई की जानकारी मिलेगी।
ई-सेवा केन्द्र पर जुर्माना एवं कोर्ट फीस के ई-पेमेंट सुविधा मिलेगी। न्यायिक आदेशों, निर्णयों की सॉफ्ट कॉपी (ई-मेल, व्हाट्सएप या डिजिटल माध्यम) से प्राप्त की जा सकेगी। प्रमाणित प्रतिलिपि (ई-ट्रूयू कॉपी) के लिए ऑनलाइन आवेदन में सहायता मिलेगी। वरिष्ठ नागरिक, बीमार, दिव्यांग के लिए व्हीलचेयर सुविधा प्राप्त की जा सकेगी। निःशुल्क विधिक सेवा, मध्यस्थता, ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल एप्लीकेशनों के उपयोग में सहायता प्राप्त का सकेंगे। ई-कोर्ट परियोजना के तहत अन्य डिजिटल सुविधाएं भी मिलेगी।
ई-सेवा केन्द्र शुरू करने के लिए जिला एवं सेशन न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं की सेमीनार का आयोजन एडीआर भवन में किया। जिसमें जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेंद्र कुमार, अभिभाषक मंडल अध्यक्ष पीएम जोशी व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव विक्रम सिंह भाटी ने योजना के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने अधिवक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया। सिस्टम ऑफिसर रईस मोहम्मद व निशा बजाज ने प्रोजेक्टर से सिस्टम की जानकारी दी। अधिवक्ताओं को ई-ट्रू कॉपी तथा ई-सेवा केंद्र के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं के संबंध में बताया।
Published on:
02 Feb 2026 05:50 pm

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