शिवनाथ सागर बांध में नहरों का निर्माण पहली बार ईंटों से किया जाएगा। वहीं सारण बांध में सिंगल टाइल लाइनिंग की जाएगी। इससे पानी की छीजत कम होने के साथ सीपेज भी नहीं होगा। इन बांधों पर कट ऑफट्रेंच (सीओटी) निर्माण कराया जाएगा। साथ ही सभी पुल, सभी आउलेट, फॉल्स, साइफन भी फिर से बनाए जाएंगे।