
ओम टेलर
पाली/रोहट/गिरादड़ा. शहर में चल रही औद्योगिक इकाइयों की ओर से अभी तक भी बांडी नदी में प्रदूषित पानी चोरी-छिपे छोड़ा जा रहा है। इसकी पोल सोमवार को अचानक राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की चेयरमैन अर्पणा अरोड़ा के पाली पहुंचने पर खुल गई। उन्होंने निरीक्षण करने के दौरान यह तक कह दिया किया जितना मैंने सुना था उससे भी अधिक बदतर हालात है। ताज्जूब है लोग कैसे रहते हैं। निरीक्षण के बाद उन्होंने किसान पर्यावरण संघर्ष समिति, अधिकारियों व सीइटीपी के पदाधिकारियों की बैठक ली। उसमें भी सीइटीपी के अधिकारियों को वादे पूरे नहीं करने का कहते हुए प्रदूषण पर नाराजगी जताई।
प्लांट तीन व छह देखकर ली बैठक
नेहड़ा से लौटते समय उन्होंने ट्रीटमेंट प्लांट संख्या तीन व छह का जायजा लिया। इसके बाद अधिकारियों की बैठक में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता से पूछा आपकी नदी व बांध में प्रदूषित पानी जा रहा है। इसके बावजूद आपने कार्रवाई क्यों नहीं की। इसका सिंचाई विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। सीइटीपी के अधिकारियों को बैठक में कहा कि धरातल पर प्रदूषण मिटाने का कोई कार्य नहीं हो रहा है। ट्रीटेड पानी का रियूज करने के आदेश होने के बावजूद उसे नदी में बहाया जा रहा है। उन्होंने जल्द ही स्थिति में सुधार लाने को भी कहा।