पाली

अनदेखी व कम रूझान की वजह से सिरे नही चढ़ पाई योजना तो सरकार ने लगाया यह जुगाड….यहां पढ़े खबर

- जिला उद्योग केन्द्र की भामाशाह रोजगार सृजन योजना - योजना के आवेदकों को जोड़ रहे प्रधानमंत्री रोजगार योजना से  
2 min read
Jun 08, 2018
PMRY YOJNA
अनदेखी व कम रूझान की वजह से सिरे नही चढ़ पाई योजना तो सरकार ने लगाया यह जुगाड....यहां पढ़े खबर

पाली. बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार मुहैया कराने के लिए जिला रोजगार केन्द्र की ओर से भामाशाह रोजगार सृजन योजना चलाई जा रही है, लेकिन बैंकों की अनदेखी और युवाओं का रुझान कम होने से योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही थी। इस पर सरकार ने एक पैतरा लगाया। योजना को प्रधानमंत्री रोजगार योजना से जोड़ दिया। बैंकों में प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत आने वाले और ऋण की राशि समय पर अदा करने वाले युवा उद्यमियों को जिला उद्योग केन्द्र की रोजगार सृजन योजना का लाभ दिया गया। इससे युवाओं को ब्याज राशि में राहत मिल गई और भामाशाह रोजगार सृजन योजना का लक्ष्य भी पूरा हो गया। इसी पैतरे का कमाल है कि पाली जिले में पिछले वर्ष 175 का लक्ष्य जिला उद्योग केन्द्र ने आसानी से प्राप्त कर लिया था। अब इस बार भी इतना ही लक्ष्य दिया गया है। जिसे प्राप्त करने के लिए विभाग हर माह या दो माह में एक बार बैठक कर युवाओं को लाभ दिलाने का प्रयास कर रहा है।

तीन श्रेणी में दिया जाता है ऋण

1. व्यापार - इसमें किसी कम्पनी से माल खरीदना व उसे आगे बेचना होता है।
2. सेवा कार्य - इसके तहत सर्विसिंग इण्डस्ट्री के तहत कार्य होता है। जैसे वाहन, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद आदि ठीक करना।

3. उत्पादन कार्य - इसमें किसी भी चीज का निर्माण किया जा सकता है।

जिला उद्योग केन्द्र देता है अनुदान

योजना के तहत जिला उद्योग केन्द्र की ओर से अनुदान दिया जाता है। यह अनुदान ब्याज में प्रति तीन माह में एक बार 8 प्रतिशत तक होता है। ऐसे में यदि बैंक ऋण राशि पर 10 प्रतिशत ब्याज लेता है तो युवा उद्यमी को 8 प्रतिशत की छूट मिल जाती है और उसे दो प्रतिशत ब्याज ही अदा करना पड़ता है।

आयु सीमा 50 वर्ष

इस योजना के लिए आयु सीमा व वार्षिक आय तय है। इसमें आवेदनकर्ता की आयु 18 से 50 वर्ष तक होनी चाहिए। इसके साथ ही उसकी वार्षिक आय 6 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।

45 आवेदन बैंकों को भेजे

जिला उद्योग केन्द्र की ओर से इस वर्ष अभी तक 45 आवेदन बैंकों को भेजे जा चुके हैं। वैसे तो योजना के तहत हर माह बैठक करने का प्रावधान है, लेकिन कई बार ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण आवेदन कम आते हैं। इस पर दो माह में एक बार बैठक कर साक्षात्कार लेते हैं।

हरीश कुमार व्यास, जिला उद्योग अधिकारी, पाली

Published on:
08 Jun 2018 02:18 pm