‘बेटियां बेटों से कम नहीं हैं’ का संदेश लेकर बिहार से साइकिल पर निकली दो बेटियां सोमवार को शहर पहुंची।
पाली। ‘बेटियां बेटों से कम नहीं हैं’ का संदेश लेकर बिहार से साइकिल पर निकली दो बेटियां सोमवार को शहर पहुंची। यहां उनका डिस्ट्रिक्ट क्लब में सम्मान किया गया। इन दोनों बेटियों को यात्रा पूरी होने पर गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में खुद का नाम दर्ज होने की आस है। पटना से 13 अक्टूबर 2017 को साइकिल पर निकली बारहवीं कक्षा में पढऩे वाली हर्षा कुमार पुत्री राजकिशोर मिश्रा व कॉलेज विद्यार्थी सावित्री मूरमू पुत्री पशुपतिनाथ अब तक सात राज्यों में जा चुकी है।
उनका कहना था कि बिहार के बाद झारखण्ड, जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ होते हुए वे राजस्थान में पहुंची है। इस यात्रा में उन्होंने हर राज्य के लोगों को बेटियों को बेटों के समान समझने के साथ अन्य संदेश दिए है। उनका कहना था यात्रा पूरी होने में अभी 18000 किलोमीटर का सफर शेष है। यह पूरा करने में उनको अगस्त तक का समय लगेगा।
रोजाना करती 100 किमी का सफर
इन बेटियों ने बताया कि वे रोजाना करीब 100 किलोमीटर का सफर करती है। इस बीच में आने वाले हर शहर व गांव में लोगों को बेटियों को आगे बढ़ाने को प्रेरित करती है। उनका कहना था इससे पहले बेटियों के सबसे लम्बी दूरी तक साइकिल यात्रा का रिकॉर्ड करीब 15 हजार किलोमीटर का था। जबकि वे 25 हजार किलोमीटर सफर तय करेंगी।
एनसीसी शिविर में हुई मुलाकात
इन दोनों साइकिल यात्री बेटियों का कहना था उनको यह यात्रा करने की प्रेरणा एनसीसी शिविर के दौरान मिली। इन दोनों की मुलाकात भी वहीं हुई। इसके बाद दोनों ने यात्रा का मानस बनाया और माता-पिता ने भी उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए इजाजत दे दी। इसके साथ ही उनका सफर शुरू हो गया। ये दोनों एनसीसी व परिवार से जीपीएस सिस्टम के माध्यम से हर पल सम्पर्क में रहती है।
ये दे रही संदेश
-समाज में समानता हो
-देश स्वच्छ व स्वस्थ हो
-बेटियों को भी बेटों के समान शिक्षा दिलाई जाए
-समाज में बेटियों का सम्मान हो