
पाली/सुमेरपुर। जिले के सुमेरपुर नगर पालिका [ Sumerpur Nagar Palika ] उपाध्यक्ष चुनाव में बहुमत के बावजूद उपसभापति पद का चुनाव [ Deputy Chairman election ] हारने वाले रमेश राखेचा ने गुरुवार को मन का गुबार निकाला। उन्होंने अपनों (भाजपा पार्षद) पर धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ, अब तक कई बार धोखा खा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे अंतिम सांस तक पार्टी में रहेंगे।
राखेचा ने मीडियाकर्मियों के सामने अपनी व्यथा खुलकर बताई कि वे 40 साल से राजनीति में हैं। जनसंघ से लेकर अब तक जुड़े हुए हैं। तत्कालीन पालिकाध्यक्ष जोराराम कुमावत के विधायक चुने जाने के बाद हुए उपचुनाव में आश्वासन के बावजूद उन्हें टिकट नहीं दिया। इससे पहले भी ढाई-ढाई साल के लिए पालिकाध्यक्ष बनाने का भरोसा दिलाया गया, लेकिन हर बार धोखा खाना पड़ा। मेरी राजनीति खत्म करने के लिए प्रायोजित कार्यक्रम कर मुझे चुनाव हरा दिया।
इधर, विधायक बोले
नगरपालिका उपाध्यक्ष चुनाव में भी जीत की पूरी उम्मीद थी। सावधानी के बावजूद क्रॉस वोटिंग होना आश्चर्य हैं। क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्षदों के बारे में संगठन को अवगत करवाया जाएगा। राखेचा को सर्व सम्मति से प्रत्याशी बनाया था। पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं हैं। -जोराराम कुमावत, विधायक, सुमेरपुर