पाली

बूथ ऐसा, जहां न तो बिजली-पानी और न ही मोबाइल नेटवर्क

-मारवाड़ विधानसभा के पहाड़ी इलाके में आबाद बभाण गांव की तस्वीर- एक बूथ ऐसा, जहां न तो बिजली-पानी और न ही मोबाइल नेटवर्क
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Dec 05, 2018
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बूथ ऐसा, जहां न तो बिजली-पानी और न ही मोबाइल नेटवर्क

चैनराज भाटी व नरेन्द्रसिंह भाटी
पाली/सोजतरोड . मारवाड़ विधानसभा के पहाड़ी इलाके में बसे बभाण गांव के इस बूथ पर मतदान सम्पूर्ण करवाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। कठिन रास्तों व पहाड़ों में बसे इस बूथ और गांव में न मोबाइल नेटवर्क और न बिजली सिस्टम। ऐसे में यहां मतदान के लिए सोलर प्लांट लगाकर रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। वहीं इमरजेंसी में अतिरिक्त पुलिस जाप्ता बुलाने के लिए वायरलैस सिस्टम स्थापित किया गया है। इन अस्थाई सुविधाओं के बावजूद यहां पहुंचने वाले मतदान दल के लिए रात बिताना मुश्किल होगा।
पहाड़ों में बसे इस गांव के लोग इन दिनों चुनावी चहल-पहल से काफी खुश है। उनका कहना है कि आगामी तीन-चार दिन तक गांव में रौनक तो रहेगी। वे इस उम्मीद में खुश है कि कम से कम इन चार दिनों में किसी प्रकार की आपात स्थिति में सरकारी महकमे के लोग तो उनकी सहायता कर सकते है। इस गांव में प्रत्याशी भी प्रचार के लिए आने से कतराते है।

1113 मतदाता करेंगे वोटिंग
कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण यह बूथ जिले का सबसे क्रिटिकल बूथ माना जा रहा है। यहां बिजली पहुंचाने के लिए डिस्कॉम ने भी हाथ खड़े कर दिए है। इस बूथ पर 7 गांवों के 1113 मतदाता वोटिंग करेंगे। सुरक्षा के लिए यहां भारी पुलिस जाप्ता लगाया जा रहा है।

कार्मिकों के लिए एक किमी दूर से मंगाया पानी
पत्रिका की जब इस बूथ की जानकारी मिली तो पत्रिका टीम बभाण गांव पहुंची। यहां स्कूल में मतदान बूथ बनाया गया है।
गांव में आजादी के बाद से बिजली नहीं आई। पानी की कोई पाइप लाइन व कुएं नहीं है। ग्रामीण खुद अपने लिए एक किलोमीटर दूर जाकर पानी लाते है। मतदान दल के लिए पानी की व्यवस्था
भी एक किलोमीटर दूर से की जा रही है। चिकित्सा सुविधा के नाम पर वहां कुछ भी नहीं है।
उपचार के लिए पांच-छह किलोमीटर दूर कंटालिया जाना पड़ता है। मतदान दल को साथ में चिकित्सा सुविधाएं ले जाने के लिए भी कहा गया है।

यहां नहीं पहुंचा सके बिजली
जिले में 16 बूथ ऐसे है, जहां डिस्कॉम ने बिजली व्यवस्था मतदान के लिए की है। लेकिन बभाण बूथ पर बिजली सिस्टम नहीं है, इस कारण सोलर से काम चलाया जाएगा।
- घनश्याम चौहान, एसइ, डिस्कॉम, पाली
यह वाकई क्रिटिकल बूथ है। बिजली, पानी, चिकित्सा, मोबाइल व्यवस्था नहीं है। सोलर प्लांट लगाकर रोशनी की जा रही है। इमरजेंसी के लिए वायरलैस सैट स्थापित किया गया है। मतदान में किसी प्रकार की बाधा न पहुंचे, इसके लिए सारे इंतजाम कर रखे है।
- दुधाराम मौर्य, बीएलओ, बभाण बूथ

Updated on:
05 Dec 2018 12:37 pm
Published on:
05 Dec 2018 12:37 pm