
पाली @ पत्रिका. CBSE Result 2023: सीबीएसइ की ओर से शुक्रवार को एक साथ बारहवीं व दसवीं का परिणाम घोषित किया गया। पहले सुबह बारहवीं के तीनों वर्गों का परिणाम आया। दोपहर में दसवीं का भी परिणाम आ गया। बेहतर अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने अपने परिजनों व मित्रों के साथ खुशी मनाई। सीबीएसइ के परीक्षा परिणाम में ज्यादातर विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी आगे रहते हैं, लेकिन इस बार इससे अलग हो गया। विज्ञान वर्ग में 91 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या काफी कम रही। उनसे अधिक कला वर्ग के विद्यार्थियों ने अंक हासिल किए। वाणिज्य वर्ग में भी विद्यार्थियों ने 97 प्रतिशत तक अंक प्राप्त किए।
बालिकाओं ने मारी बाजी
बेटियों को कम आंकने वालों के लिए जिले में सीबीएसइ का परिणाम सबक लेने वाला रहा। इस परीक्षा परिणाम में बारहवीं कक्षा के विज्ञान, वाणिज्य व कला वर्ग के साथ ही दसवीं में अव्वल आने वालों में बेटियां ही आगे रही।
माता-पिता ने किया मार्गदर्शन
सीबीएसइ कला वर्ग में रेनबो स्कूल में पढ़ने वाली पाली की गार्गी लड्ढा ने 98 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। गार्गी पढ़ने के साथ खेल में भी आगे रही है। वह राष्ट्रीय स्तर पर बैडमिन्टन खेलकर आई है। उसके बड़े भाई सीए है। गार्गी आगे चलकर आइएएस बनना चाहती है। बकौल गार्गी, मैं स्कूल जाने के साथ रोजाना घर पर अध्ययन करने के लिए लक्ष्य तय करती थी। वह चाहे दो घंटे में पूरा हो या छह घंटे में। उसे पूरा जरूर करती थी। अध्ययन करने में शिक्षा विभाग में कार्यरत पिता दिनेश लड्ढा व मां भावना लड्ढा हमेशा मार्गदर्शन करते हैं।
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स्कूल से आने पर करती हूं पुनरावृत्ति
सेंटपॉल स्कूल पाली में पढ़ने वाली अदिति सराफ ने एक नियम बनाया था कि रोजाना स्कूल में पढ़े विषय की घर पर पुनरावृत्ति करनी है। इसका फायदा यह हुआ कि जो वह स्कूल में पढ़कर आती थी। उसे परीक्षा तक दोबारा पढ़ने की जरूरत कम ही रही। उन्हें वह विषय व पाठ उसी समय याद हो गया। स्कूल में रेड हाउस की कप्तान रही अदिति अभी फाउंडेशन की तैयारी भी कर रही है। उनके पिता नितेश सराफ के साथ मां प्रभा सराफ से भी अधिक दादा शिवप्रकाश सराफ उनके अंकों से खुश है। उनके भाई ने भी आइआइटी में अच्छी रैंक हासिल की थी।
दादा कहते थे तू सब कुछ कर सकती है
फालना के एस लोढ़ा पब्लिक स्कूल की छात्रा झील जैन ने वाणिज्य वर्ग में 97.2 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। वह कहती है कि मैं क्या कर सकती हूं। यह नहीं जानती थी। मेरे दादा प्रेमचंद जैन जो बैंक से सेवानिवृत्त है। वे कहते थे तू सब कुछ कर सकती है। मेरी पोती है। बस यह बात दिल में घर कर गई, आत्मविश्वास बढ़ गया और आज अंक आए तो मेरे से भी ज्यादा दादा खुश हुए। जैसे वे नम्बर लाए हो। वो कहती है कि दादा के साथ दादी गुणवंती जैन, पिता प्रवेश जैन, माता दीपा जैन ने शिक्षा के आधुनिक तकनीक का भी ज्ञान प्राप्त करने को प्रेरित किया।