
पाली/खिंवाड़ा। केन्द्र सरकार [ Central government ] हो या फिर राज्य सरकार [ State government ] सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार का दावा कर रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित उपस्वास्थ्य केन्द्रों [ Sub Health Center ] पर लम्बे समय से एएनएम के पद रिक्त [ ANM posts vacant ] हैं। ऐसे में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अरावल व मगरा क्षेत्र के खिंवाड़ा, बागोल व पनोता पीएचसी के तहत 23 उपस्वास्थ्य केन्द्र हैं। जिसमें में से महज सात उपस्वास्थ्य केन्द्रों में एएनएम कार्यरत हैं। शेष सभी उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर लम्बे समय से एएनएम के पद रिक्त हैं। ऐसे में मरीजों की हालत खराब है। एएनएम के अभाव में ग्रामीणों को कई तकलीफों से रूबरू होना पड़ रहा है।
नीम हकीम घर-घर पहुंच रहे इलाज को
खिंवाड़ा, पनोता, डायलाना कलां, नयागांव, बागोल, टोकरला, गावाड़ा आदि गांवों में नीम हकीमों ने पांव पसार लिए हैं। ये नीम हकीम तो अब घर-घर इलाज के लिए जाने लगे हैं।
23 में से 16 उपस्वास्थ्य केन्द्र बंद
अरावली पर्वतमाला की गोद में बसे तराई व पहाड़ी क्षेत्र में खिंवाड़ा, पनोता व बागोल में पीएचसी है। इनके तहत 23 उपस्वास्थ्य केन्द्र हैं। सरकार की उदासीनता व चिकित्सा विभाग की लापरवाही का नतीजा है कि आज 16 उपस्वास्थ्य केन्द्र बंद हैं। वहां पर लम्बे समय से एएनएम के पद रिक्त होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, बागोल पीएचसी में एलएचवी, एएनएम, हैल्थ सुपरवाइजर, वार्ड बॉय, लेब टैक्नीशियन, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद सहित कई पद लम्बे समय से रिक्त हैं। दूसरी तरफ पनोता पीएचसी में चिकित्सक, एलएचवी, एएनएम, हैल्थ सुपरवाइजर, वार्ड बॉय, लेब टैक्नीशियन, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद सहित कई पद लम्बे समय से रिक्त हैं।
यहां पर एएनएम के पद रिक्त
गुड़ा रामाजी, गावाड़ा, वणदार, टोकरला, पिलोवनी, कोलर, गुड़ा देवड़ान, कांकलावास, गुड़ा जैतावतान, आशापुरा, गुड़ा गोपीनाथ, नयागांव, कोट व सांसरी उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर लम्बे समय से एएनएम के पद रिक्त हैं।
यहां आज तक ताला नहीं खुला
कांकलावास, आशापुरा, गुड़ा गोपीनाथ व गुड़ा जैतावतान उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर तो आज तक ताला ही नहीं खुला है। भोणका व नयागांव में तो उपस्वास्थ्य केन्द्र के तो भवन ही नहीं हैं।
खिंवाड़ा में महिला चिकित्सक का पद नहीं
खिंवाड़ा पीएचसी में महिला चिकित्सक के पद के अभाव के बावजूद हर माह औसतन 30-35 गर्भवती महिलाएं प्रसव कराने के लिए आती है। महिला चिकित्सक के अभाव में आधी से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को पाली या जोधपुर जाकर प्रसव कराना पड़ता है।
फैक्ट फाइल
-वर्ष 2018 में 330 प्रसव हुए
- अक्टूबर 2019 तक 346
इन्होंने की मांग
खिंवाड़ा व्यापार संघ के अध्यक्ष तेजाराम चौधरी, खिंवाड़ा बालाजी ट्रस्ट के अध्यक्ष मोतीलाल शर्मा, मानव कल्याण सेवा संघ ट्रस्ट के अध्यक्ष हेमराज पुनमिया, अरावली क्षेत्रिय विकास समिति रानी तहसील प्रमुख लालसिंह राठौड़, कोलर के नगर अध्यक्ष व वार्डपंच जगदीश शर्मा, मानव सेवा संस्थान के युवा प्रकोष्ठ के देसूरी तहसील अध्यक्ष गौतम परिहार एंव राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना देसूरी शाखा के अध्यक्ष मानवेन्द्रसिंह बागोल ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व चिकित्सा मंत्री को अलग-अलग पत्र प्रेषित कर खिंवाड़ा, पनोता व बागोल पीएचसी के अन्तर्गत उपस्वास्थ्य केन्द्रों में रिक्त एएनएम पद सहित पीएचसी में रिक्त पदों को भरने की मांग की है।
अवगत करवा दिया है
क्षेत्र में स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर एएनएम के पद रिक्त हैं। नियुक्ति राज्य सरकार ही करती है। इस बारे में सरकार को अवगत कराया गया है। हम फि र भी वैकल्पिक व्यवस्था करते हैं। -डॉ. जितेन्द्र पुरोहित, बीसीएमओ, रानी