
पाली। आप क्या काम करती हैं? बिजनेस कब और कहां से शुरू किया था? राजीविका से जुड़ने से क्या लाभ हुआ? कितनी इनकम हो जाती है? ये सवाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित प्रदर्शनी में पाली के फालना निवासी अरुणा सुथार से पूछे। वे प्रदेश में लाडली दीदी योजना के तहत चयनित 10 महिलाओं के साथ इस प्रदर्शनी में भाग लेने पहुंची हैं।
एप्लिक और हैंडवर्क से सूट, दुपट्टा, साड़ी आदि तैयार करने वाली अरुणा ने बताया कि वे पिछले 16 साल से बुटिक चला रही हैं। उनकी मुलाकात दो साल पहले राजीविका (राजस्थान आजीविका मिशन) की ब्रांड एंबेसडर रूमा देवी से हुई थी। रूमा देवी ने अरुणा को, जो पहले से फैशन डिजाइनिंग का कार्य जानती थीं, राजीविका से जुड़कर अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ने की प्रेरणा दी। अरुणा ने उनकी बात को गंभीरता से लिया और अब तक 12 स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के माध्यम से महिलाओं को जोड़ चुकी हैं। इसके अलावा 8 से 10 अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
अरुणा ने बताया कि राजीविका से जुड़ने के बाद उनके काम को नई पहचान मिली है। पहले वे सीमित स्तर पर काम कर रही थीं, लेकिन अब उनका नेटवर्क बढ़ा है और उत्पादों की मांग भी लगातार बढ़ रही है। इससे उनकी आय में भी इजाफा हुआ है और वे अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
अरुणा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनसे बेहद अपनत्व के साथ बातचीत की और उनके कार्य में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने उनके उत्पादों को ध्यान से देखा, उनकी विशेषताओं के बारे में जानकारी ली और उनके हुनर की खुलकर सराहना की। अरुणा के अनुसार, जयपुर में आयोजित प्रदर्शनी में भाग लेने के बाद उनके काम को अच्छी पहचान मिली और उन्हें कई नए ऑर्डर प्राप्त हुए।
इससे उनके आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी हुई। हाल ही में पाली में लगाए गए स्टॉल पर भी ग्राहकों का अच्छा प्रतिसाद मिला, जिससे बिक्री में इजाफा हुआ। बीकानेर हाउस में आयोजित इस प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी योजना के तहत चयनित 10 महिलाओं से संवाद किया। अरुणा ने बताया कि दिल्ली में चल रही यह प्रदर्शनी 25 मार्च तक जारी रहेगी।