पाली

कलक्टर ने तीन दिन में मांगी पालना रिपोर्ट

- पाली में प्रदूषण के मामले में एनजीटी की गाइड लाइन की पालना करवाने पर चर्चा - सभी विभागों को दिए सख्त निर्देश
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Feb 20, 2019
Collector asked for three days to report
कलक्टर ने तीन दिन में मांगी पालना रिपोर्ट

पाली। जिला कलक्टर दिनेश चन्द जैन ने प्रदूषण के मामले में एनजीटी की पालना रिपोर्ट तीन दिन में मांगी है। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 22 फरवरी तक रिपोर्ट सब्मिट कर दें। जिला कलक्टर की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में बैठक भी आयोजित की गई।
बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने कहा कि एनजीटी के निर्देशों की पालना करते हुए पुख्ता कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने सीइटीपी व नगर परिषद को प्रदूषित पानी के दोबारा उपयोग के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रीयूज होने वाले पानी की दर सरकार तय करेगी। कृषि विभाग को प्रदूषित क्षेत्र में पानी के नमूनों और मिट्टी की जांच रिपोर्ट पेश करने की हिदायत दी। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्योतिस्वरूप शर्मा, उपखण्ड अधिकारी रोहिताश्व तोमर, यूआइटी सचिव इन्दाराम मेघवंशी, के.पी. व्यास, क्षेत्रीय अधिकारी अमित शर्मा, उप निदेशक कृषि जितेन्द्रसिंह शक्तावत, डिस्कॉम अधीक्षण अभियंता घनश्याम चौहान, जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता नीरज माथुर, नगर परिषद के आयुक्त आशुतोष आचार्य, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक रज्जाक अली सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

किसान बोले, सर्वे की गतिविधियां साझा करें
किसान पर्यावरण संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार शाम जिला कलक्टर दिनेशचंद
जैन से मुलाकात कर कृषि, चिकित्सा समेत विभिन्न सर्वे गतिविधियों की पूर्व सूचना
देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जब भी कृषि अथवा चिकित्सा विभाग के अधिकारी संबंधित गांवों में पहुंचें, इसकी जानकारी पहले मिले, ताकि सभी ग्रामीणों को एकत्रित किया जा सके।
उन्होंने एनजीटी के निर्देशों की अक्षरश: पालना कराने की भी बात कही। इस दौरान पुखराज पटेल व महावीरसिंह सुकरलाई समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
अब प्रदूषण नियंत्रण मंडल भी सख्ती के मूड में

बिना कंसेंट चल रही 37 कपड़ा फैक्ट्रियां, तीन दिन में आवेदन नहीं किया तो गिरेगी गाज
पाली. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती के बाद प्रदूषण नियंत्रण मंडल भी कड़ाई पर उतर आया है। मंडल ने बिना कंसेंट चल रही शहर की 37 फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किए हैं। अगले तीन दिन में कंसेंट टू ऑपरेट के लिए आवेदन नहीं करने वाली फैक्ट्रियों पर गाज गिर सकती है।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल के मुताबिक वर्तमान में 562 फैक्ट्रियां कंसेंट टू ऑपरेट के तहत संचालित है। जबकि 37 फैक्ट्रियों की कंसेंट ही नहीं है। इन फैक्ट्री संचालकों को सात दिन का नोटिस जारी किया गया। अगले तीन दिन में कंसेंट के लिए आवेदन नहीं करने वाली फैक्ट्री को बंद कराया जा सकता है। मंडल के क्षेत्रीस अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। अगले तीन दिन में आवेदन नहीं करने वाली इकाइयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को ये भी दिए निर्देश
-मुख्य चिकित्सा अधिकारी को हिदायत दी कि वे प्रभावित गांवों में लगाए गए शिविर में चयनित रोगियों व प्रदूषण के कारण होने वाली संभावित बीमारियों की रिपोर्ट दें।
- परिवहन अधिकारी पणिहारी चौराहे एवं खारड़ा पर चैक पोस्ट लगाकर टैंकरों की सघन जांच करें।
- सीवरेज का पानी निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप ट्रीट कर छोड़ा जाए।
- नगर परिषद व सीइटीपी के अधिकारी चैनल निर्माण के संबंध में शीघ्र कदम उठाएं।
-बांडी नदी में प्रदूषित पानी के साथ कचरा न फैंका जाएं। इससे प्रदूषण बढ़ता है।
-नगर परिषद द्वारा 13 किलोमीटर तथा सीइटीपी द्वारा 4 किलोमीटर तक का चैनल नाला तैयार किया जाए।
-रीको, नगर परिषद, कृषि, जल संसाधन, सीइटीपी, डिस्कॉम, जलदाय, वाटरशेड, एनएचएआइ, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, ग्राउण्डवाटर, जिला उद्योग केन्द्र एवं प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी सम्मिलित रिपोर्ट
तैयार करें।

Updated on:
20 Feb 2019 05:34 pm
Published on:
20 Feb 2019 05:34 pm