
रमेश शर्मा, सुरेश हेमानानी, राजेन्द्रसिंह देणोक एवं टीम
पाली। बारिश और पानी का मनमोहक नजारा देखने पाली के मानपुरा भाखरी व हेमावास बांध [ damaged wall of Hemawas dam ] पर जा रहे हैं तो जरा संभलकर। क्योंकि बांध की पाळ पर कई खतरे हैं जो आपके लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। बांध का नजारा जरूर मन को भाएगा लेकिन सावधानी और सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। अन्यथा कोई भी हादसा पेश आ सकता है।
दरअसल, निकटवर्ती हेमावास बांध में बारिश के पानी की आवक शुरू हो गई है। पानी और बांध का नजारा देखने शहरवासियों का उमडऩा शुरू हो गया है। बांध पर बने सिंचाई विभाग [ irrigation department ] के कंट्रोल रूम [ Control room ] के निकट पिकनिक पाइंट [ Picnic Point ] की दीवार क्षतिग्रस्त है। इस दीवार पर लोग अक्सर कई घंटे तक बैठकर ठंडी हवा का लुत्फ उठाते हैं। यहां से बांध का पूरा नजारा मनमोहक लगता है। यही दीवार दोनों तरफ से क्षतिग्रस्त है। दीवार में दरारें आई हुई है। ऐसे में हरदम हादसे की आशंका बनी रहती है।
आकेली ओवरफ्लो का पुलिया भी क्षतिग्रस्त
आकेली ओवरफ्लो की पाल पर बनी दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी है। यहां पानी की अधिक आवक होने पर पानी का बहाव पाली शहर की तरफ बढ़ेगा। ओवर फ्लो की रपट क्षतिग्रस्त होने से बांध का पानी भी ज्यादा मात्रा में बहकर चला जाएगा। यह पुलिया आवागमन का भी जरिया है। आकेली आने-जाने वाले ग्रामीण यहां से गुजरते हैं। ऐसे में पुलिया क्षतिग्रस्त होने से परेशानी खड़ी हो सकती है।
शराबियों का जमावड़ा
हेमावास बांध पर इन दिनों शराबियों का जमावड़ा रहने लगा है। दिन हो या रात बांध की दीवार पर पार्टियां चलने लगी है। लोग दिन में भी शराब पार्टी [ Wine party ] करने यहां पहुंच रहे हैं। यहां तक कि बांध के भीतरी हिस्से में बैठकर लोग शराब पी रहे हैं। इस पर किसी तरह का अंकुश नहीं है। शराबियों के कारण कभी भी हादसा हो सकता है। पुलिस गश्त [ police patrol ] के अभाव में रोकटोक भी नहीं है।
बांध में जा रहे शौच
मानपुरा भाखरी क्षेत्र में स्वच्छता अभियान [ Cleanliness campaign ] दम तोड़ता दिखाई दिया। यहां कई लोग दिन में ही बांध के भीतर शौच के लिए जा रहे हैं। हैरानी की बात है कि ऐसे लोगों को रोकने-टोकने वाला भी यहां कोई नहीं है। बांध में गंदगी फैलाने वालों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो रही है।
कंट्रोल रूम पर एक कार्मिक
सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम पर 24 घंटे के लिए महज एक कार्मिक नियुक्त है। कभी-कभार ठेके पर एक और कार्मिक पहुंचता है। ऐसे में 24 घंटे निगरानी रखना मुश्किल हो गया है। कंट्रोल रूम के एकमात्र कार्मिक से भीड़ भी नियंत्रित नहीं होती। ऐसे में हादसे की आशंका बनी हुई है। यहां कार्मिक मांगू खां ने बताया कि यहां आने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की हिदायत देते हैं, लेकिन लोग मानते नहीं।