पाली जिले के एक गांव में वृद्धा की हत्या कर मांस खाने वाले हाइड्रोफोबिया संदिग्ध आदमखोर मरीज की जोधपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई है। बड़ी बात यह है कि वृद्धा की हत्या के बाद आदमखोर ने कई पुलिसकर्मियों और आमजन को काट खाया था।
पाली जिले के एक गांव में वृद्धा की हत्या कर मांस खाने वाले हाइड्रोफोबिया संदिग्ध आदमखोर मरीज की जोधपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई है। बड़ी बात यह है कि वृद्धा की हत्या के बाद आदमखोर ने कई पुलिसकर्मियों और आमजन को काट खाया था। उधर, पाली और जोधपुर में उपचार के दौरान कई चिकित्सकों ने उसका उपचार किया था। चिकित्सकों की टीम कुछ ही देर में मृतक की ब्रेन ऑटोप्सी करेगी ताकि पता लगाया जा सके कि वह रैबीज से ग्रसित था या नहीं। बतादें कि आइड्रोफोबिया का देश में यह संभवतः पहला मामला है।
यह था मामला
सेंदड़ा थाना अधिकारी धोलाराम परिहार ने बताया कि सराधना गांव की शांति देवी पत्नी नाना काठात (60) जंगल में बकरियां चराने गई। लौटते समय एक युवक ने उस पर बड़े पत्थर से हमला कर दिया। इससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। उसके बाद युवक मृतका के चेहरे को नोंच कर खाने लगा, तब उधर से गुजर रहे लोगों ने देखा तो ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों को आता देख आरोपी मौके से भागने लगा। पीछा कर युवक को पकड़कर पुलिस को सौंपा। मृतका का शव सेंदड़ा हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया गया। आरोपी के आधार कार्ड के जरिए उसकी पहचान सुरेंद्र ठाकुर पुत्र राम बहादुर निवासी पवई मुंबई के रूप में हुई थी।
मुंह खून से हुआ लाल
वृद्धा की हत्या के बाद आरोपी युवक ने वृद्धा का मुंह पूरी तरह नोंच लिया और उसका मांस खाया। जिससे उसका चेहरा खून से लाल हो गया। बताया जा रहा है कि युवक नशेड़ी प्रवृत्ति का था। आरोपी युवक अपनी ही शर्ट को खोलकर मृत वृद्धा का चेहरा ढक कर भागने लगा। आरोपी को बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चिकित्सकों ने कहा देश का पहला मामला
आरोपी युवक को गत शुक्रवार को ही बांगड़ अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। मेडिकल टीम ने जांच की तो युवक में हाइड्रोफोबिया के लक्षण बताए थे। बांगड़ अस्पताल के मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. प्रवीण गर्ग का कहना था कि संभवत: देश में ऐसा पहला मामला होगा, जिसमें रैबीज के मरीज ने किसी को काटकर जान से मार दिया हो। चिकित्सकों के अनुसार हाइड्रोफोबिया मरीज की कुछ समय में मौत हो जाती है, लेकिन इतने भयानक लक्षण आने के बावजूद यह जीवित है, यह चौंकाने वाली बात है। उधर, युवक को पकड़ने के बाद अस्पताल के जेल वार्ड में बंधक बनाकर रखा गया था। अगले दिन शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी को जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में रेफर किया गया, जहां मरीज का उपचार जारी थी और मंगलवार सवेरे उसकी मौत हो गई।
मुंबई फिल्म इंडस्ट्री का मिला था आई कार्ड
युवक ने मौके पर पकड़ने जाने के दौरान करीब 10 पुलिसकर्मियों के अलावा अऩ्य लोगों को काट खाया था। उधर, पाली के सरकारी अस्पताल में युवक का इजाल करने वाले चिकित्सकों सहित 15 लोगों के टीका लगाया गया। उसके तुरंत बाद बांगड अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीसी व्यास ने बताया कि मरीज की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया था। इसमें डॉ. प्रवीण गर्ग, डॉ. अंकित अवस्थी, डॉ. दलजीत सिंह राणावत व डॉ. दिनेश चौधरी ने आरोपी का इलाज किया। आरोपी युवक को करीब 5 से 6 बार एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए। पाली एएसपी प्रवीण नुनावत ने बताया कि आरोपी की तलाश के दौरान पुलिस के हाथ एक आधार कार्ड लगा। इस पर मुंबई की सब सिटी (उप नगर) के पवई निवासी सुरेंद्र पुत्र रामबहादुर तंवर लिखा हुआ था। इसके साथ ही पुलिस को आरोपी की जेब से मुंबई फिल्म इंडस्ट्री एसोसिएशन का आई कार्ड भी मिला है। ऐसे में एक टीम मुंबई के लिए रवाना की गई है। जो वहां के आस-पास के इलाकों में आरोपी के परिजनों की तलाश करती रही तो इस इस नाम के युवक की पहचान नहीं हो सकी। आईकार्ड फर्जी निकला था। युवक गत 23 मई को मुम्बई से राजस्थान आना बताया गया।