
बैलगाड़ी पर निकली बारात (फोटो-पत्रिका)
पाली। जिले के सादड़ी क्षेत्र में एक शादी ने आधुनिकता के बीच परंपरा की खूबसूरत मिसाल पेश की है। जहां आजकल शादियों में महंगी गाड़ियां, डीजे और भव्य शो-ऑफ आम हो गया है, वहीं भादरास निवासी सुरेश चौधरी ने अपनी बारात को बिल्कुल अलग अंदाज में निकालकर सबका ध्यान आकर्षित किया। पिछले 9 सालों से चीन के शंघाई में इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट कारोबार से जुड़े सुरेश जब अपनी शादी के लिए वतन लौटे, तो उन्होंने दिखावे से दूर रहकर अपनी जड़ों से जुड़ने का फैसला किया।
सुरेश की बारात मुंडारा गांव तक पारंपरिक बैलगाड़ियों में निकाली गई। खुद दूल्हा सजी-धजी बैलगाड़ी में राजस्थानी वेशभूषा पहनकर सबसे आगे बैठे नजर आए। यह दृश्य देखते ही बन रहा था और गांव के लोगों के साथ-साथ बाहर से आए मेहमान भी इस अनोखी बारात को देखकर रोमांचित हो उठे। बारात में शामिल महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीत गाकर माहौल को और भी जीवंत बना दिया, जिससे पूरे रास्ते में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
इस शादी की खास बात यह भी रही कि इसमें चीन समेत देश के अलग-अलग राज्यों से आए मेहमानों ने हिस्सा लिया। विदेशी मेहमानों के लिए यह अनुभव बिल्कुल नया था और उन्होंने भारतीय ग्रामीण संस्कृति को करीब से महसूस किया। 26 अप्रैल को मुंडारा गांव में सुरेश चौधरी और प्रवीणा चौधरी का विवाह विधिवत संपन्न हुआ।
दूल्हे सुरेश का कहना था कि उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि उनकी बारात आधुनिक वाहनों के बजाय पारंपरिक तरीके से ही निकलेगी। उनका मानना है कि शादी जैसे खास मौके पर अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखना बेहद जरूरी है। साथ ही, यह पहल पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी देती है।
इस अनूठी बारात में कुल सात बैलगाड़ियां और कुछ कारें शामिल रहीं, लेकिन आकर्षण का केंद्र पारंपरिक साज-सज्जा ही रही। मारवाड़ अंचल में इस शादी की चर्चा अब दूर-दूर तक हो रही है और लोग इसे परंपरा और आधुनिक सोच के सुंदर संगम के रूप में देख रहे हैं।
Updated on:
29 Apr 2026 12:41 pm
Published on:
29 Apr 2026 06:00 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
