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Rajasthan News: दोस्ती की मार्मिक मिसाल: मित्र के निधन का सदमा नहीं सह पाए, दूसरे दोस्त ने भी तोड़ा दम

पाली जिले के भंदर गांव में सच्ची दोस्ती की ऐसी मार्मिक मिसाल सामने आई, जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। गांव के 68 वर्षीय धनराज त्रिवेदी और 74 वर्षीय देवराज दवे (देवजी बा) की गहरी मित्रता वर्षों से लोगों के लिए प्रेरणा रही। दोनों ने जीवनभर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाया और संयोग ऐसा रहा कि दोनों ने एक ही दिन इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

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पाली

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kamlesh sharma

Apr 27, 2026

फोटो पत्रिका नेटवर्क

नाना (पाली)। निकटवर्ती भंदर गांव में सच्ची दोस्ती की ऐसी मार्मिक मिसाल सामने आई, जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। गांव के 68 वर्षीय धनराज त्रिवेदी और 74 वर्षीय देवराज दवे (देवजी बा) की गहरी मित्रता वर्षों से लोगों के लिए प्रेरणा रही। दोनों ने जीवनभर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाया और संयोग ऐसा रहा कि दोनों ने एक ही दिन इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

जानकारी के अनुसार रविवार तड़के करीब 4 बजे धनराज त्रिवेदी का हृदयाघात से निधन हो गया। जैसे ही यह खबर उनके घनिष्ठ मित्र देवराज दवे तक पहुंची, वे गहरे सदमे में आ गए। बताया जाता है कि शाम करीब चार बजे नोवी गांव से भंदर लौटते समय वरावल के पास बस में ही देवजी की तबीयत बिगड़ने लगी। घर पहुंचते ही परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। एक ही दिन में दोनों मित्रों का यूं चले जाना पूरे गांव के लिए अविश्वसनीय और बेहद दुखद घटना बन गया।

दोनों परिवारों के बीच गहरा भाईचारा

उप सरपंच मुकेश दवे के अनुसार दोनों मित्रों ने एक ही विद्यालय में शिक्षा प्राप्त व साथ में मुंबई में व्यापार किया और बाद में जीवन के इस पड़ाव पर गांव लौटकर साथ समय बिताया। उनकी दोस्ती केवल दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं थी, बल्कि दोनों परिवारों के बीच भी गहरा भाईचारा था।

एक ही दिन किया दोनों का अंतिम संस्कार

दोनों के अंतिम संस्कार एक ही दिन किए गए। पहले धनराज त्रिवेदी का अंतिम संस्कार हुआ, जबकि देवराज दवे के पुत्रों के आने में देरी के कारण उनका अंतिम संस्कार बाद में किया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने नम आंखों से दोनों को अंतिम विदाई दी।

दोस्ती की मार्मिक मिसाल

गर्मी के मौसम को देखते हुए शवों को सुरक्षित रखने के लिए समाज बंधुओं के आग्रह पर विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत के निर्देशन में चिकित्सा विभाग ने डी-फ्रीज की व्यवस्था करवाई। यह घटना सच्ची दोस्ती, आत्मीयता और अटूट रिश्तों की ऐसी मिसाल बन गई है, जिसे भंदर गांव लंबे समय तक याद रखेगा।