
electricitycurrent...सूर्य के आग बरसाने के साथ गर्मी के तेवर तीखे हो गए हैं। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के कारण इस बार गर्मी में उतार-चढ़ाव का खेल चल रहा है, बावजूद इसके जिले में बिजली की मांग बढ़ी हुई है। अब पहले की अपेक्षा 14 लाख 46 हजार से अधिक यूनिट बिजली अतिरिक्त खर्च होे रही है। घर में पंखे, कूलर व एसी शुरू होने से ये खपत बढ़ी है। इसमें अभी दस फीसदी और इजाफा होने का डिस्कॉम अनुमान लगाए बैठा है।
ऐसे समझें, किस उपकरण से कितनी खपत
1000 वाट का कोई उपकरण एक घंटे इस्तेमाल करते हैं तो उससे 1 यूनिट बिजली खपत होती है।
9 वाट के 3 बल्ब 40 घंटे जलते हैं तो एक यूनिट बिजली खर्च होगी।
60 वाट के 4 पंखे घर में लगे हों और 12 घंटे चले तो करीब तीन यूनिट बिजली खर्च होगी।
200 वाट का फ्रिज 8 घंटे चलने पर करीब डेढ़ यूनिट बिजली खपत करता है।
750 वाट का आयरन आधे घंटे इस्तेमाल हो तो करीब पौन यूनिट बिजली खर्च करेगा।
1600 वाट का एक एसी 5 घंटे चले तो उससे करीब आठ यूनिट बिजली खर्च होगी।
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सामान्य 143 मेगावाट रहती है खपत
जिले में बिजली की मांग सामान्य दिनों में 143 मेगावाट यानी 34 लाख 32 हजार यूनिट रोजाना खर्च होती है, जो इस समय बढ़कर 48 लाख 96 हजार यूनिट से ऊपर पहुंच गई है। वैसे देखे तो एक घंटे में जिले में करीब दो लाख यूनिट से अधिक बिजली का उपभोग हो रहा है। गौरतलब है कि एक मेगावाट एक लाख वाट के बराबर होता है।
उपभोग बढ़ा तो नहीं मिलेगी सब्सिडी
प्रदेश में बिजली विभाग की ओर से 150 यूनिट प्रतिमाह खपत करने पर 3 रुपए सब्सिडी दी जाती है। 151 से 300 यूनिट तक खपत करने पर 2 रुपए सब्सिडी दी जाती है। इससे अधिक बिजली की खपत होने पर सब्सिडी नहीं मिलती है। यदि आपका बिजली उपभोग गर्मी में बढ़ता है तो सब्सिडी के लाभ से भी वंचित होना पड़ सकता है।
48 लाख यूनिट से अधिक खपत
अभी जिले में 48 लाख यूनिट प्रतिदिन से अधिक खपत हो रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदेश स्तर से ही सप्ताह में एक दिन कटौती की जा रही है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कटौती नहीं की जा रही है। गर्मी बढ़ने प खपत ओर बढृेगी।
अशोक मीणा, अधीक्षण अभियंता, डिस्कॉम, पाली
टॉपिक एक्सपर्ट
एक एसी तीन कूलर के समान करता है बिजली खपत :::
बिजली की खपत कम करने के लिए हरियाली बढ़ानी होगी। एसी का उपयोग कम करना होगा। एक एसी तीन कूलर के बराबर बिजली की खपत करता है। एसी चलाने से पर्यावरण में भी गर्मी बढ़ती है। पुराने जमाने की तरह दरवाजों व खिड़कियों पर टाट लगाकर भी बिजली की खपत को कम किया जा सकता है।
सुरेश सत्याणी, संरक्षक, इंटक