पाली

पर्यावरण प्रेम ऐसा कि पौधों की बच्चे की तरह करते हैं सेवा

रायपुरिया गांव (खिंवाड़ा) ने अभी तक लगाए 60 से अधिक पौधे, कई पेड़ बने
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Aug 06, 2018
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पर्यावरण प्रेम ऐसा कि पौधों की बच्चे की तरह करते हैं सेवा

कुंदन गर्ग (हेमावास )
रायपुरिया (खिंवाड़ा) निवासी सोहनलाल गर्ग पर्यावरण संरक्षण के लिए जुनूनी है। पत्रिका के हरियाळो राजस्थान अभियान से पे्ररित होकर इनके मन में ऐसा पर्यावरण प्रेम जागा कि पिछले पांच-छह वर्षों में गांव में 50 से अधिक पौधे लगा चुके हैं। यही नहीं, पौधा रोपने के बाद उसकी देखरेख अपने बेटे की तरह करते हैं। सोहनलाल का कहना है कि सिर्फ पौधरोपण करना ही पर्याप्त नहीं है। भले ही एक साल वह तीन-चार पौधे लगाते हो, लेकिन उसकी देखभाल तब तक करते हैं जब तक वह पेड़ ने बन जाए।
ऐसे जगा पर्यावरण संरक्षण प्रेम
सोहनलाल ने बताया कि 1995 में शादी हुई लेकिन संतान सुख नहीं मिला। इसलिए कुछ अवसाद में रहने लग गया था। एक दिन राजस्थान पत्रिका के हरियाळो राजस्थान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम को देखा तो पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा मिली। अभी तक पचास से अधिक पौधे गांव की पड़त भूमि पर लगा चुके हैं।
प्रशासन मदद करे तो उद्यान विकसित करूं
गांव में उद्यान विकसित करना एवं सडक़ किनारे पौधे लगाकर उन्हें पेड़ बनते देखना मेरा सपना है। गांव के प्रमुख मार्गों के दोनों किनारे पेड़ लगे हो। गांव में एक उद्यान हो। पौधे लगाने के लिए ट्री गार्ड की व्यवस्था ग्राम पंचायत करे तो गांव को हरा-भरा बना दूं।
पौधों को पानी पिलाना नहीं भूलते
सोहनलाल ने बताया कि वे प्लम्बर का काम करते हैं। काम पर जाने से पहले नियमित रूप से दिन में एक बार पौधों को पानी देना नहीं भूलते। गर्मी के मौसम में पौधों को दो बार पानी देना होता है इसलिए जरूरी काम होने पर ही गांव छोडकऱ जाते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से लगाए गए पौधों में से 20 पौधे पेड़ बन चुके हैं।

कांस्य व रजत पदक जीता
पाली. जयपुर में आयोजित तीसरी इंडिया मार्शल आर्ट अकेडमी अंतराष्ट्रीय कराटे चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में पाली के दो खिलाडिय़ों ने कांस्य व रजत पदक जीता। कोच मोहम्मद आसिफ ने बताया कि कमलकिशोर वैष्णव ने 80 किलो भार वर्ग में कांस्य व रमेश कुमार ने 52 किलो भार वर्ग में रजत पदक जीता।

Published on:
06 Aug 2018 10:56 am