-डिस्कॉम की ही रिपोर्ट में खुलासा
-चैनराज भाटी
पाली। प्रदेश में डिस्कॉम किसानों के साथ पूरी बिजली आपूर्ति का वादा पूरा नहीं कर पाया। राज्य सरकार ने 2020 के बजट में अप्रेल 2023 तक चरणबद्ध तरीके से सभी किसानों को सिंचाई के लिए रात्रि के बजाय दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली देने की घोषणा की थी, लेकिन डिस्कॉम 14 जिलों में यह आपूर्ति दिन में नहीं दे पाया। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
समय पर नहीं कर पाया विद्युत तंत्र का विस्तार
प्रदेश सरकार ने रात्रि में सर्दी में फसल की सिंचाई करने की परेशानी से बचाने का वादा करके किसानों को सिंचाई के लिए दिन में ही बिजली आपूर्ति करने की 2020 के बजट में घोषणा की थी। इस बजट घोषणा में सरकार ने सभी 33 जिलों में तीन वर्ष की कार्य योजना बनाकर चरणबद्ध तरीके से अप्रेल 2023 तक विद्युत तंत्र का विस्तार कर सभी जिलों में सभी किसानों को दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली देने की बजट घोषणा की थी। इसके लिए प्रदेश के तीनों डिस्कॉम को अपने कार्य क्षेत्र के जिलों को तीन हिस्सों में बांट कर उन जिलों में चरणबद्ध तरीके से नए विद्युत सब स्टेशन बनाने, मौजूदा सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने सहित विद्युत तंत्र का विस्तार कर दो ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति के लिए तंत्र को तैयार करने का लक्ष्य दिया था। डिस्कॉम की विद्युत तंत्र विस्तार की धीमी चाल ने सरकार की इस घोषणा को धरातल पर उतरने से रोक दिया। प्रदेश के 14 जिलों में दिन में बिजली आपूर्ति नहीं हो पाई।
इन जिलों में ही हो सकी दिन में बिजली आपूर्ति
जयपुर डिस्कॉम- कोटा, बूंदी, झालावाड़, धोलपुर, जयपुर व भरतपुर।
अजमेर डिस्कॉम- अजमेर, भीलवाड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सीकर, झुंझुनूं।
जोधपुर डिस्कॉम- पाली, सिरोही व जालोर जिले का 88 प्रतिशत क्षेत्र।
डिस्कॉम की लापरवाही
प्रदेश में किसानों को दो ब्लॉक में बिजली देने का वादा डिस्कॉम नहीं निभा पाया। यह लापरवाही है। डिस्कॉम को विद्युत तंत्र का विस्तार करना होगा। -तुलछाराम सिंवर, प्रदेश मंत्री, भारतीय किसान संघ
काम चल रहा है
जोधपुर डिस्कॉम के पाली, सिरोही, जालोर व जैसलमेर में दो ब्लॉक में दिन में बिजली दी गई थी, बाकी जिलों में डिस्कॉम का ढांचा बढ़ाने का काम चल रहा है। -प्रमोद कुमार टांक, एमडी, जोधपुर डिस्कॉम।