
पाली। Fit India Movement Campaign : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खेल दिवस पर दिल्ली में फिट इंडिया मूवमेंट अभियान का आगाज करते हुए नारा दिया ‘मैं फिट तो इंडिया फिट’ [ 'I fit to India fit' ]। पत्रिका ने विशेषज्ञों और नियमित मॉर्निंग वॉक [ morning walk ] पर जाने वाले चुनिंदा शहरवासियों से बातचीत कर शहर के लोगों की फिटनेट के प्रति सतर्कता का औसत जाना तो हालात चिंताजनक नजर आए।
शहर के लोगों में फिटनेस के प्रति पहले की तुलना में रुझान तो बढ़ा है लेकिन अभी भी पांच-सात प्रतिशत लोग ही नियमित रूप से अपने सेहत के लिए गंभीर है और मॉर्निंग वॉक या जिम के लिए निकलते हैं। शहर में दो दर्जन से ज्यादा स्थल है जहां पांच-सात फीसदी लोग नियमित रूप से लोग मॉर्निंग वॉक, व्यायाम, योग-प्राणायम के लिए पहुंचते हैं। बारिश और सर्दियों के मौसम में यह संख्या कम हो जाती है। शहर में जिम की संख्या जरूर बढ़ी है। यहां ज्यादातर युवा खुद को फिट रखने के लिए नियमित रूप से आ रहे हैं। हालांकि, आबादी के अनुपात में यह संख्या बेहद कम है। साइकिल चलाने वालों की संख्या तो और भी चिंताजनक है।
यहां ताजी हवा खाने पहुंचते हैं शहरवासी
लाखोटिया, नेहरू उद्यान, साइंस पार्क, सुभाष पार्क हाउसिंग बोर्ड, करणी माता मंदिर, लोर्डिया पाळ, मंडिया रोड उद्यान, बांगड़ कॉलेज, महादेव बगीची, शहीद उद्यान, शिवाजी पार्क, वृंदावन चौपाटी, काजरी रोड, टैगोर नगर शिव मंदिर व सुल्तान स्कूल-पुलिस लाइन।
इस तरह बदलें अपनी आदतें
-घर के छोटे-छोटे काम खुद करें।
-घर के नियमित काम से निकट के बाजार, मंदिर इत्यादि जाने के लिए वाहन का उपयोग करने से बचें।
-बच्चों को आउटडोर गेम्स भी खेलने दें।
-संभवतया सांयकाल में भी भ्रमण पर निकलें।
-यथासंभव देर रात तक न जागें और सुबह देर तक न सोएं।
-जिम जाकर वर्कआउट करें।
-बाजार में खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री और फास्ट फूड से बचें।
-प्राणायाम, व्यायाम, योग विशेषज्ञों की सलाह से करें।
-कार्यालय या अपार्टमेंट में लिफ्ट की सुविधा का यथासंभव उपयोग न करें और सीढिय़ों का ही उपयोग करें।
चिकित्सकों की राय : ज्यादातर है लापरवाह
खुद को फिट रखने वालों की संख्या अभी भी काफी कम है। ज्यादातर लोग बीमार होने के बाद दवा के लिए अस्पताल आते हैं। बीमारी ठीक होने के बाद फिर से व्यस्त हो जाते हैं। सेहत के लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। -डॉ. रविन्द्रपालसिंह, चिकित्सक
बमुश्किल पांच फीसदी लोग अपनी फिटनेस के लिए नियमित चिंतित रहते हैं। शेष स्वास्थ्य के प्रति अत्यधिक लापरवाह होते हैं। बीमारी भी उन्हें बर्डन लगती है। स्वास्थ्य हमारीय प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। -डॉ. एच.एम. चौधरी, चिकित्सक
ये सेहत के फिक्रमंद
लाखोटिया उद्यान में इन दिनों पांच-छह सौ लोग नियमित रूप से मॉर्निंगवॉक और योग करने आ रहे हैं। गर्मियों के
अवकाश में यह संख्या अवश्य बढ़ती है। इसके अलावा भी शहर के कुछ स्थलों पर लोग सुबह-शाम घूमने जाते हैं, लेकिन यह संख्या जनसंख्या के अनुपात में बेहद कम है। -विजयराज सोनी, योगाचार्य तथा बाबूलाल बोराणा, सामाजिक कार्यकर्ता
बांगड़ कॉलेज मैदान में सुबह-सुबह चार-पांच सौ लोग नियमित रूप से आते हैं। बारिश के दिनों में पानी भरने के कारण यह संख्या घट जाती है। हाउसिंग बोर्ड का सुभाष पार्क और काजरी रोड भी मॉर्निंग वॉक पर जाने वालों की पंसदीदा जगह है। -भंवर चौधरी, किसान नेता तथा निलेश पुरोहित, साइबर एक्सपर्ट