पाली

मासूम के अपहरण के अभियुक्त को पांच साल का कारावास

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Nov 18, 2018
मासूम के अपहरण के अभियुक्त को पांच साल का कारावास
मासूम के अपहरण के अभियुक्त को पांच साल का कारावास

पाली. न्यायालय ने शनिवार को दो मामलों में फैसला सुनाते हुए दो अभियुक्तों को सजाएं सुनाई। पॉक्सो एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसी तरह एसीबी के एक मामले में विशेष न्यायालय ने रिश्वत के अभियुक्त तत्कालीन ग्रामसेवक को चार साल के कारावास की सुना सुनाई।


वायद गांव : पट्टा जारी करने की एवज में मांगे थे 3100 रुपए

अभियोजन के अनुसार एसीबी पाली चौकी में वायद गांव के बाबूलाल मीणा ने मई 08 में परिवाद पेश किया था कि ग्राम पंचायत वायद के ग्राम सेवक जगदीश प्रसाद त्रिपाठी ने उसकी पत्नी व भाई के नाम से पट्टे जारी करने की एवज में 3100 रुपए की रिश्वत मांगी।
एडवांस के तौर पर 1 हजार रुपए पूर्व में ले लिए, शेष राशि २१ सौ रुपए की रिश्वत लेते एसीबी ने ग्राम सेवक जगदीश प्रसाद त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था। साथ ही कोर्ट में चालान पेश किया था। एसीबी मामले के विशेष अदालत के जज प्रवीर भटनागर ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए शनिवार को अभियुक्त जगदीश त्रिपाठी को रिश्वत लेने के आरोप में दोषी ठहराते हुए चार साल का कारावास तथा डेढ़ लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।


पाली : अपहरण कर मासूम से किया था ज्यादती का प्रयास
विशिष्ट लोक अभियोजक प्रतापचंद चौहान ने बताया कि 1 जुलाई 16 को पाली शहर के एक जने ने रिपोर्ट दी थी कि पड़ोस में रहने वाला मुकेश उर्फ सुखलाल रेगर पुत्र ढगलाराम उसकी आठ साल की बच्ची को का अपहरण कर ले गया
और उसके साथ ज्यादती का प्रयास किया।
पुलिस ने यह मामला अपहरण व पॉक्सो एक्ट में दर्ज कर आरोपी मुकेश को गिरफ्तार किया था। उसके बाद उसके खिलाफ कोर्ट में
चालान पेश किया। पॉक्सो के इस प्रकरण में विशेष न्यायालय के न्यायाधीश बरकत अली ने अभियुक्त को अपहरण व छेड़छाड़ का दोषी ठहराते हुए पॉक्सो एक्ट में पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

Published on:
18 Nov 2018 08:30 am