- मंत्री ने जनसुनवाई में दिखाए तीखे तेवर. अधिकारियों को जवाब देते नहीं बना
पाली. जिला परिषद सभागार में गुरुवार को जनसुनवाई के दौरान खाद्य व आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा ने अपने तीखे तेवर दिखाए। फसली ऋण व बीमा क्लेम का मामला उठा तो मंत्री ने पाली सैन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक से जवाब तलब किया। लेकि, बैंक के एमडी पूनाराम चोयल वहां नहीं आए थे। इस पर मंत्री भडक़ गए। उन्होंने बैंक एमडी को तत्काल बुलाया और कहा कि नई सरकार आ गई है। मैं मंत्री हूं। मीटिंग में क्यों नहीं आए, मनरेगा की तरह हाजरी भरने के लिए दूसरे अधिकारी को क्यों भेज दिया।
जनसुनवाई में जब पाली प्रधान श्रवण बंजारा ने अतिवृष्टि से पाली व रोहट क्षेत्र की खराब हुई फसलों का मामला उठाया गया। इस पर मंत्री ने जिला कलक्टर से जवाब मांगा। लेकिन, जिला कलक्टर जवाब नहीं दे पाए। मंत्री ने जिला कलक्टर से कहा कि सरकार को कौन बताएगा कि कहां पर कितना नुकसान हुआ है। मीणा ने खेत को इकाई मान कर विशेष गिरदावरी कराने का निर्देश दिया। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
आपको भी एपीओ करें क्या?
कुछ लोगों ने शिकायत की कि मजदूरों को श्रमिक कल्याण योजना का फायदा नहीं मिल रहा है। इस पर मंत्री ने श्रम अधिकारी आसकरण मालवीय से जवाब मांगा। श्रम अधिकारी ने कहा कि दो श्रम निरीक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। इस पर मंत्री ने पूछा कि यह समस्या आपने जिला कलक्टर को बताई क्या? जब काम नहीं हो रहा है तो क्यों नहीं तुम्हें भी एपीओ कर दिया जाए।
किसानों को भी आगे आना होगा
जनसुनवाई के दौरान नेहड़ा बांध का मुद्दा उठा। किसानों का कहना था कि बांध भर चुका है। अब इस बांध में प्रदूषित पानी आ रहा है। इस प्रदूषित पानी को रोका नहीं गया तो बांध का पानी ही खराब हो जाएगा। इस पर मंत्री मीणा ने कहा कि सरकार व प्रशासन अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा, लेकिन किसानों को भी आगे आना होगा।
पूरा शहर खुदा पड़ा है
शहर की सडक़ों का मुद्दा भी उठा। कांग्रेस के लोगों कहा कि सीवरेज के कारण पूरा शहर खुदा पड़ा है। इससे लोगों को काफी ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस पर मंत्री ने नगरपरिषद आयुक्त व सीवरेज कम्पनी को जल्द ही समस्या समाधान करने का निर्देश दिया।
अतिक्रमण समेत कई मुद्दे उठे
जनसुनवाई के दौरान लोगों ने अतिक्रमण, अवैध शराब की दुकानें, राशन डीलरों की शिकायतें व सडक़ों की समस्या बताई गई।