पाली

मंत्री विश्नोई बोले : प्रदूषण की समस्या से उपजे हालात जानने जल्द आ रहा हूं पाली

-वन एवं पर्यावरण (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री सुखराम विश्नोई से पत्रिका की विशेष बातचीत
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Jan 03, 2019
Forest and Environment Minister will come Pali
मंत्री विश्नोई बोले : प्रदूषण की समस्या से उपजे हालात जानने जल्द आ रहा हूं पाली

राजेन्द्रसिंह देणोक
पाली। मारवाड़-गोडवाड़ यानि पाली, जालोर व सिरोही से एकमात्र जनप्रतिनिधि के रूप में प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार में प्रतिनिधित्व कर रहे वन एवं पर्यावरण (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री सुखराम विश्नोई पद संभालने के एक सप्ताह बाद ही पाली में व्याप्त प्रदूषण की समस्या के समाधान को लेकर गंभीर हो गए हैं। पर्यावरण एवं वन्य जीवों के लिए स्वभाव से संवेदनशील मंत्री विश्नोई ने मोबाइल पर हुई बातचीत में इसका आभास भी कराया। उन्होंने मारवाड़-गोडवाड़ में वन-पर्यावरण मंत्रालय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत में काफी दृढ़ता दिखाई तो पाली के कपड़ा उद्योग को संकट से उबारने और पर्यावरण व वन्य जीवों के संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता भी स्वीकारी है।

पेश है बातचीत के अंश:
सवाल- प्रदूषण की समस्या के कारण पाली के कपड़ा उद्योग पर तलवार लटकी हुई है। मामला एनजीटी में चल रहा है। एक टीम रिव्यू के लिए जल्द पाली आ रही है। कपड़ा उद्योग को उबारने के लिए अब नई सरकार का एक्शन प्लान क्या है?
जवाब : मैंने अभी ज्वाइन किया ही है। यह समस्या मेरे ध्यान में है। मैं जल्द पाली आ रहा हूं। हालात को अच्छी तरह से समझूंगा। सभी पक्षों से बातचीत करूंगा और उचित उपाय तलाशने का पूरा प्रयास करूंगा। एनजीटी द्वारा भेजी जा रही टीम से पहले पाली का दौरा करूंगा।
सवाल- पाली में प्रदूषण की समस्या तो सुलझी नहीं, जोधपुर के आसपास बड़ी मात्रा में अवैध रूप से फैक्ट्रियां चल रही है। इससे पर्यावरण दूषित हो रहा है और खेती की जमीनें भी बंजर हो रही। आपकी जानकारी में हैं या नहीं?
जवाब : मामले की जांच करवा लेता हूं। यदि इस तरह से कोई पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
सवाल- प्रदेश में बजरी के अवैध खनन से पर्यावरण को भी बड़ा नुकसान पहुंच रहा है। अंकुश लगाने की दिशा में सरकार कोई कदम उठा रही है?
जवाब : ऐसा मेरी जानकारी नहीं आया। फिर भी जांच करवा लेंगे। पर्यावरण का संरक्षण हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। यदि कहीं कोई शिकायत भी मिलती है तो पुख्ता कार्रवाई की जाएगी।
सवाल- मारवाड़ गोडवाड़ में वन्य जीवों के संरक्षण को लेकर कोई प्लान? रोहट में हरिणों के संरक्षण पर काम होगा?
जवाब : वन्य जीवों का संरक्षण हमारी प्राथमिकता में है। इनकी सुरक्षा के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। रोहट में हरिणों के संरक्षण के लिए रेस्क्यू सेंटर को अमली-जामा पहनाने का जल्द प्रयास किया जाएगा।
सवाल- पाली जिले के पेंथर कंजर्वेशन और वाइल्ड लाइफ क्षेत्र की मॉनिटरिंग का जिम्मा उदयपुर-राजसमंद पर है। यह व्यवस्था उचित है?
जवाब : यह व्यवस्था पहले से चली रही है। इसका परीक्षण कराएंगे। वैसे, मॉनिटरिंग संबंधित जिले से ही होनी चाहिए। ऐसी व्यवस्था का प्रयास करेंगे कि वाइल्ड लाइफ क्षेत्र का जिम्मा भी पाली जिले के अधिकारियों के पास ही हो।

Published on:
03 Jan 2019 12:30 pm