Jawai Dam: उपखंड अधिकारी नीरज मिश्र ने आमजन से अपील की है कि बांध के गेट खोले जाने पर जवाई नदी के डाउन स्ट्रीम क्षेत्र व आसपास किसी भी प्रकार की गतिविधि न करें।
राजस्थान के पाली जिले में मानसून की मेहरबानी बनी हुई है। ऐसे में पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े जवाई बांध में जल आवक लगातार जारी है। इस बीच जवाई बांध ने बड़ी खुशखबरी आई है। शनिवार दोपहर को जवाई बांध के गेट खोल दिए गए हैं। यह 10वीं बार है जब बांध के गेट खोले गए हैं। बांध की भराव क्षमता 6701.60 मिलियन घन फीट है।
गौरतलब है कि गेट खोलने की तैयारी प्रशासन दो दिन पहले ही कर चुका था। इसके साथ ही पाली जिले समेत जालोर में भी अलर्ट जारी किया गया था। लोगों से इसके बहाव क्षेत्र में न जाने की अपील की गई है। उधर, जवाई के सहायक सेई बांध में भी लगातार जल आवक जारी है। सेई बांध से जवाई में रोजाना करीब 70 एमसीएफटी पानी डायवर्ट किया जा रहा है।
अधिशाषी अभियंता जवाई नहर खण्ड, सुमेरपुर राज भवरायत ने बताया कि बांध के केचमेंट क्षेत्र में लगातार पानी की आवक हो रही है। साथ ही आगामी दिनों में मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
उपखंड अधिकारी नीरज मिश्र ने आमजन से अपील की थी कि बांध के गेट खोले जाने पर जवाई नदी के डाउन स्ट्रीम क्षेत्र व आसपास किसी भी प्रकार की गतिविधि न करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से नदी किनारे व बहाव क्षेत्र से दूर रहना जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि से बचा जा सके।
जल संसाधन विभाग के अनुसार जिले के 44 में से 33 बांधों पर चादर चल रही है। जिले के दूसरे सबसे बड़े बांध सरदारसमंद व हेमावास बांध पर भी चादर चल रही है। इसके अलावा जिले के पांच बांध पूरे भरे है। उन पर पानी की आवक थमने से चादर चलना बंद हो गई है। अच्छी बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी है। साथ ही गर्मी के दिनों में पाली शहर में पेयजल का संकट नहीं रहेगा। वहीं मौसम विभाग ने जिले में आगामी 3-4 दिन भारी, अतिभारी बारिश होने की फिर से चेतावनी जारी की गई है।
यह वीडियो भी देखें
जवाई बांध में जल आवक अभी लगातार जारी है। बरसात तेज होने और बांध में पानी की आवक बढ़ने पर गेट खोले गए हैं। इसे लेकर जवाई नदी के डाउनस्ट्रीम में लोगों को अलर्ट किया है। ग्रामीण जन सावधान रहें।