
सिकंदरा में बाणगंगा नदी में आए पानी का विहंगम दृश्य। फोटो: पत्रिका
दौसा। कई दशकों बाद मानसून की मेहरबानी से बांध-तालाबों से लेकर कुएं-बावड़ी सभी पानी से लबालब हैं। दौसा जिले में छोटे-बड़े कुल 39 बांध हैं, जिनमें से 37 में पानी की आवक हो चुकी है। ऐसा कई दशकों बाद संभव हुआ है।
लोगों का मानना है कि 1981 की बाढ़ के बाद अब पानी की ऐसी तस्वीर जिले में नजर आ रही है। अब मात्र राहुवास और चुड़ास बांध खाली हैं, शेष सभी बांधों में पानी आया है। हालांकि कुछ में नाममात्र का पानी है, जबकि 12 बांध शत-प्रतिशत भर चुके हैं। बांधों में चल रही चादर से बहाव क्षेत्र की नदियां बह रही हैं।
दौसा जिले का मोरेल, कालाखो, झिलमिली, गेटोलाव, रेहडिय़ा, सिंथोली, दिवांचली, हरिपुरा, महेश्वरा, भांकरी, नामोलाव, सूरजपुरा बांध 100 प्रतिशत लबालब हैं।
जल संसाधन विभाग के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे तक माधोसागर 7.61, सैंथल सागर 48.57, बिनोली सागर दक्षिण सागर 4.98, चांदराना 45.06, भंडारी 9.87, सिनोली 22.90, खारली 20.44, जगरामपुरा 37.41, कोट 20.57, कोंड्रा 1.74, रामपुरा 61.29, पापड़दा 25, बड़ियाल 17.24, विजय सागर 0.98, धपावन 5.88, उपरेड़ा 1.47, गुढ़ामुई 2.22, रौंथ 8.16, शीशवाड़ा 3.31, समसपुर 3.41, बड़ागांव खेड़ला 51.58, सिकंदरपुर 4.10, पावटा 73.42, हुड़ला 76.47 तथा नाहरपुरा बांध में 7.38 प्रतिशत जलभराव है।
लालसोट. मोरेल बांध पर चल रही करीब 3 फीट की चादर के कारण वेस्ट वेयर से बहकर नदी में तेज गति सो बह कर जा रहे पानी ने कांकरिया गांव के पास डाउन स्ट्रीम में बने एक एनीकट को क्षतिग्रस्त कर दिया है, पानी के तेज बहाव के कारण नदी पर 8 साल पूर्व मनरेगा के तहत बने इस एनिकट की दीवार टूट गई।
सहायक अभियंता चेतराम मीना ने बताया कि यह एनिकट वेस्ट वेयर से करीब 400 से 500 मीटर आगे बना हुआ है। अब तक भारी बारिश नहीं होने यह एनिकट सुरक्षित था, गत वर्ष भी थोड़ा क्षतिग्रस्त हुआ था, शुक्रवार को एनिकट की एक ओर की दीवार टूटी है। मामले की जानकारी मिलते ही भाकिस नेता धर्मराज मीना, धूमसिंह मीना समेत कई ग्रामीण भी पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि मौके पर मिट्टी का बड़ा कटाव हो गया है। इससे अब एनिकट टूटने का खतरा बन गया है एवं कई बीघा खेतों में पानी भर गया है।
जिले में 664.92 एमएम औसत बारिश के मुकाबले अब तक 1056.96 एमएम (158.96 फीसदी) बारिश हो चुकी है। वर्तमान मानसून सीजन में सर्वाधिक बारिश दौसा तहसील क्षेत्र में 1605 एमएम हुई है। इसके चलते दौसा के आसपास सभी बांध ओवरफ्लो हैं। दूसरे नंबर पर सिकराय तहसील में 1425 एमएम तथा तीसरे नंबर पर लालसोट में 1384 एमएम कुल वर्षा दर्ज की गई है। सबसे कम बारिश सैंथल सागर स्टेशन पर 762 एमएम, बैजूपाड़ा में 784 व बसवा में 791 एमएम हुई है। जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को भी दिनभर रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा।
Updated on:
06 Sept 2025 01:54 pm
Published on:
06 Sept 2025 01:54 pm
बड़ी खबरें
View Allदौसा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
