पाली

विधानसभा चुनाव व दीपावली के चलते हो रहा है करोड़ों का हवाला कारोबार, मुम्बई से मारवाड़ तक जुड़े हैं तार

-आंगडिय़ा कारोबार के तार मुम्बई-भीलवाड़ा से होकर सिरोही तक जुड़े
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Oct 31, 2018
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पाली/भीलवाड़ा। मुम्बई से शुरू होने वाले आंगडिय़ा (हवाला) कारोबार का रास्ता भीलवाड़ा से होकर मारवाड़ तक जाता है। भीलवाड़ा में करोड़ों रुपए का हवाला कारोबार प्रतिदिन हो रहा है। दिल्ली से लेकर गुजरात व मुम्बई तक तथा मुम्बई से मारवाड़ तक यह राशि पहुंच रही है। राशि को पहुंचाने के लिए आंगडिय़ा ऐसे लोगों की मदद लेता है जो मध्यम वर्ग या रिक्शा चालक हों, ताकि उन्हें आसानी से पहचाना नहीं जा सके।

विधानसभा चुनाव व दीपावली के चलते हवाला कारोबार को मानों पर लग गए है। करोड़ों रुपए का हवाला कारोबार हो रहा है। इसे लेकर भीलवाड़ा पुलिस तीन दिन में पांच कार्रवाइयों को अंजाम दे चुकी है। तीन मामलों में सिरोही के आधा दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकतर मामलों के तार सिरोही से जुड़े होने पर भीलवाड़ा का मारवाड़ (पाली) हवाला कनेक्शन पुख्ता लगने लगा है।

क्या है हवाला ?
हवाला पैसा ट्रांसफर करने का ऐसा तरीका है जिसमें कारोबारी और फंड देने वाले बिजनेसमैन अवैध तरीकों से अपने ब्लैकमनी को व्हाइटमनी में बदलते हैं। लेन-देन में अनधिकृत रूप से एक से दूसरे शहर या देश में विदेशी विनिमय किया जाता है। हवाला विदेशी मुद्रा का एक स्थान से दूसरे स्थान पर गैर कानूनी रूप से हस्तांतरण है। यह काम एजेंटों के जरिए यानि हवाले से होता है। इसीलिए इसका नाम हवाला पड़ा। यह राशि के लेन-देन का अवैध तरीका है, जिसे हुंडी भी कहते हैं। हवाला राजनीतिक दलों तक पैसा पहुंचाने का सबसे सरल तरीका है। इसके माध्यम से अवैध तरीकों से धन राजनीतिक पार्टियों तक पहुंचाया जाता है।

सौ से पांच सौ रुपए तक कमीशन
हवाला राशि हस्तांतरण के लिए एजेन्ट कमीशन लेते हैं। यह एक लाख पर सौ रुपए से लेकर पांच सौ रुपए लिए जाते हैं। एक दिन में करोड़ों रुपए का लेन-देन हवाला में होता है। भीलवाड़ा में दो दर्जन से अधिक बड़े व्यापारी इस अवैध काम में लगे हैं। इसका खुलासा नोटबंदी के दौरान भी कुछ लोगों ने गुमनाम पत्र आयकर विभाग के लिखकर किया था।

ट्रावेल्स में करते हैं सफर
हवाला राशि को इधर-उधर करने के लिए व्यक्ति ट्रावेल्स बस या ट्रेन में सफर करना ज्यादा पंसद करते हैं। इनके साथ अलग से एक जासूसी करने वाला व्यक्ति तक चलता है, जिसकी हवाला राशि लेकर चलने वाले तक को जानकारी नहीं होती। हाल ही हुए खुलासे में सामने आया कि राशि का संबन्ध भीलवाड़ा से पाली-मारवाड़ है।

चार करोड़ की राशि सहित पकड़ा था बनवारी को
गौरतलब है कि 29 मार्च 2018 को आतंकवादरोधी दस्ते (एटीएस) जयपुर व आयकर विभाग की कार्रवाई में चार करोड़ की हवाला राशि समेत बनवारीलाल मिश्रा को पकड़ा था। चार करोड़ की यह राशि भीलवाड़ा लाई जा रही थी। पूछताछ में सामने आया था कि यह राशि भीलवाड़ा में कांग्रेस पार्षद व उसके हिस्सेदार बाजार न बर दो के चना-दाल के होलसेल व्यापारी के यहां पहुंचानी थी। इस मामले में पार्षद के घर व बैंक लोकर तक की तलाशी ली गई थी।

Updated on:
31 Oct 2018 01:32 pm
Published on:
31 Oct 2018 01:32 pm