
मौसम में बदलाव जारी है। जिसका असर सेहत पर पड़ रहा है। सीने से लेकर पीठ, कमर में अचानक दर्द, जकड़न, सिर चकराने के मामले बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सर्दी में कार्डियक अरेस्ट, हार्ट अटैक के मामले अधिक आते हैं। हायपर टेंशन, डायबिटीज या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को ज्यादा सतर्कता की आवश्यकता है। तेज सर्दी में कार्डियक से संबंधित समस्याओं से लेकर ब्रेन स्ट्रोक, लकवा का खतरा रहता है। सर्दी बढ़ने के साथ हृदय रोग से संबंधित मरीज मेडिकल कॉलेज अस्पताल, निजी अस्पतालों में अधिक पहुंच रहे हैं।
युवाओं को भी हो रही समस्या
जिले के अस्पतालों में हृदय की बीमारियों से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ी है। वहीं पिछले सप्ताह में सरकारी अस्पतालों में हार्ट अटैक व कार्डियक अरेस्ट के करीब 15 मामले आए हैं। इनमें युवा भी शामिल हैं। कई मरीजों को तो परिजन सीधे जोधपुर के अस्पतालों में ले गए।
टॉपिक एक्सपर्ट
विशेष सावधानी बरतने की जरूरत
हार्ट अटैक के साथ ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले महीने हाइपरटेंशन से ब्रेन हेमरेज के मरीज भी बढ़े है। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ा रहता है, उनको पता नहीं लगता और वे इलाज भी नहीं लेते हैं। लोगों की मॉर्निंग वॉक सर्दी के कारण बंद है। इस समय लोगों को खान-पान में ध्यान देना चाहिए और अपना ब्लड प्रेशर की नियमित जांच करनी चाहिए। ब्लड प्रेशर की बीमारी हार्ट के लिए और ब्रेन स्ट्रोक दोनों के लिए जिम्मेदार होती है। जिन लोगों के डायबिटीज है उन्हें विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि डायबिटीज के मरीज में साइलेंट हार्ट अटैक होता है। दर्द , जकड़न जैसे लक्षणों को नजरंदाज नहीं करें।
डॉ. एचएम चौधरी, आचार्य विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज, पाली
इसलिए बढ़ता है खतरा
सर्दी के सीजन में सिकुड़ जाती हैं रक्त वाहनियां जिससे रक्त-प्रवाह कम हो जाता है तथा
ऑक्सीजन की कमी होने लगती है
क्लॉटिंग का खतरा बढ़ जाता है और क्लॉट बनने से हार्ट-अटैक और लकवे की संभावना बढ़ जाती है।
इस तरह कर सकते हैं बचाव