
पाली। प्रदेश की जेलों में लगातार मिल रहे मोबाइल व हाई सिक्यूरिटी सेल में बंद होने के बावजूद बंदियों के मोबाइल से वारदातें करवाने जैसे खुलासों के बाद जेल प्रशासन [ Jail administration ] ने सख्ती शुरू कर दी है। अब प्रदेश की जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा व उदयपुर जैसी बड़ी जेलों की हाई सिक्यूरिटी [ High security of prisons ] सेल में दिन में दो बार तलाशी लेने का निर्णय किया है, ताकि इन बंदियों के पास मोबाइल पकड़ा जा सके। जेल प्रशासन ने अपनी ही जेलों के स्टाफ को सख्त किया है। वहीं दूसरी ओर छोटी जेलों में क्षमता से अधिक बंदी होने से बुरे हाल हो रहे हैं।
जोधपुर जेल में लॉरेंस से मोबाइल मिलने के बाद सनसनी
जोधपुर जेल में बंद शुटर लॉरेंस विश्नोई के पास हाल ही में मोबाइल मिला है। वह जेल की हाई सिक्यूरिटी सेल में बंद था, उसके पास मोबाइल कहां से आया, इसकी जांच जारी है। साथ ही हाई सिक्यूरिटी सेल में दिन में दो बार तलाशी का निर्णय किया गया है। बीकानेर जेल में सबसे पहले यह सिलसिला शुरू किया गया है।
पाली में जेल की क्षमता 65 की, जेल में 116 बंदी
कोरोना संक्रमण के बीच छोटी जेलों का बुरा हाल है। तमाम प्रयासों के बावजूद क्षमता से अधिक बंदी जिलों की छोटी जेलों में बंद है। पाली जेल में बंदियों की क्षमता 65 की है, वर्तमान में यहां 116 बंदी बंद है। गर्मी व कोरोना के बीच इन बंदियों को सुरक्षित रखना चुनौती हो गया है। पाली जिले की सोजत, जैतारण, बाली जेल का भी यहीं हाल है। पाली जेल के उप अधीक्षक इकबाल भाटी ने बताया कि गत दिनों पाली जेल में भी मोबाइल मिलने के बाद दिक्कतें बढ़ गई है।
सतर्कता बढ़ाई
प्रदेश की जेलों की हाई सिक्यूरिटी सेल में बंद बंदियों के पास मोबाइल मिलने की घटनाओं के बाद दिन में दो बार इन सेल की तलाशी लेना शुरू किया गया है, सतर्कता बढ़ाई गई है। - विक्रम सिंह, डीआईजी, जेल, जयपुर।