पाली

राजस्थान में गंदा खेल… 20 से 25 हजार रुपए में बिक रही युवतियां, महिलाएं ही करवा रही है सौदा

Human Trafficking in Rajasthan: मध्यप्रदेश की युवतियां राजस्थान में 20 से 25 हजार रुपए में बिक रही है। हैरानी तो यह है कि महिलाएं खुद इस धंधे में बिचौलिया बनी है। मानव तस्करी ( Human Trafficking ) का ऐसा ही मामला पाली में सामने आने के बाद पुलिस की नींद उड़ी हुई है...

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Sep 14, 2019

पाली। मध्यप्रदेश की युवतियां राजस्थान में 20 से 25 हजार रुपए में बिक रही है। हैरानी तो यह है कि महिलाएं खुद इस धंधे में बिचौलिया बनी है। मानव तस्करी ( Human Trafficking ) का ऐसा ही मामला पाली में सामने आने के बाद पुलिस की नींद उड़ी हुई है। गत माह यहां नया हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में झाडिय़ों में छुपी एक युवती को लोगों ने पकडकऱ पुलिस के हवाले किया था। पूछताछ में पता चला कि इस युवती को भोपाल से 25 हजार रुपए में खरीदा गया और पाली में एक युवक से उसकी शादी करवानी थी। एक महिला बिचौलिया है। पुलिस ने इस सम्बंध में मानव तस्करी का मामला दर्ज किया है।

कई समाजों में लड़कियों की कमी, इसलिए तस्करी
पुलिस का मानना है कि सामान्यत: मारवाड़-गोडवाड़ के कई समाज ऐसे हंै, जिनमें लड़कियों की कमी है। दुल्हन का सपना दिखाकर मानव तस्करी के माफिया मध्यप्रदेश से मात्र बीस से पचीस हजार रुपए में लड़कियां खरीदकर यहां बेच देते हैं। पुलिस पड़ताल में ऐसा भी सामने आया है कि एक लडक़ी को दो से तीन बार तक बेचा जा रहा है। मध्यप्रदेश से नाबालिग बच्चे, युवतियां व किशोरियों की तस्करी होती है। छोटे बच्चों को होटलों पर बेच दिया जाता है। वहीं किशोरी व युवतियों को शादी का झांसा देकर आगे से आगे बेचा जाता है।


पुलिस मुख्यालय पहले भी मांग चुका है जवाब
मारवाड़ अंचल में मानव तस्करी को लेकर पुलिस मुख्यालय जयपुर पाली पुलिस से पहले भी जवाब मांग चुका है। इसके बावजूद अब तक पाली पुलिस ऐसा कोई गिरोह नहीं पकड़ पाई है। हालांकि, मानव तस्करी के ऐसे मामले सामने आने के बाद बाल कल्याण समिति भी सतर्क हो गई है।

लोकलाज के कारण नहीं जाते पुलिस के पास
मानव तस्करी से जुड़ी युवतियां दुल्हन बनकर धोखाधड़ी भी करती है। लेकिन, पीडि़त लोग लोक लाज के कारण पुलिस को शिकायत भी नहीं करते हैं। जबकि, कई परिवारों में दुल्हन बनकर पहुंचने वाली ऐसी युततियां कुछ दिन रहने के बाद घर से जेवरात और नकदी लेकर फरार हो जाती है। लेकिन, पीडि़त चाहकर भी कुछ नहीं कर पाते।

फोटो - प्रतीकात्मक

Updated on:
14 Sept 2019 08:49 am
Published on:
14 Sept 2019 08:34 am
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