
पाली. केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल में महानिरीक्षक पद पर तैनात पाली के मूलचंद पंवार को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति ने पुलिस पदक से सम्मानित किया है।
सीआरपीएफ अकादमी कादरपुर में मंगलवार को आयोजित समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पंवार को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया।
पाली के जाए-जन्मे हैं पंवार
1 जून 1963 को पाली में पूनमचंद मेवाड़ा कलाल के घर जन्मे पंवार की प्रारंभिक शिक्षा पाली में ही हुई। उन्होंने बांगड़ महाविद्यालय से 1985 में एम.कॉम. किया। वे टॉपर रहे थे। वाणिज्य संकाय में अध्यक्ष पद के रूप में छात्रनेता के रूप में पंवार ने अपनी पहचान बनाई। खेलों में भी उन्होंने बढ़चढ़ कर हिस्सा लेकर बांगड़ महाविद्यालय और राजस्थान विश्वविद्यालय के लिए कई पदक हासिल किए।
देश सेवा का जज्बा, इसलिए जोइन की सीआरपीएफ
पंवार के मन में राष्ट्र के प्रति अटूट श्रद्धा बचपन से ही रही। उन्होंने 1986 में सीआरपीएफ ज्वाइन की। सीआरपीएफ में पंवार ने देश के कई दुर्गम इलाकों में सेवाएं दी। पंवार 1989 से 1998 तक प्रधानमंत्री राजीव गांधी, वी.पी.सिंह, चन्द्रशेखर, पी.वी. नरसिम्हाराम, आई.के. गुजराल, एच.डी. देवगोड़ा और अटल बिहारी वाजपेयी की सुरक्षा में भी तैनात रहे। एसीपीजी में सेवाएं देते हुए उन्होंने अमेरिका, नेपाल, बांग्लादेश, इटली, तंजानिया, ओमान, मॉरिशस, मालदीप व मलेशिया समेत कई देशों की यात्राएं भी की।
दो बार पहले भी मिल चुका सम्मान
पंवार को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए पूर्व में दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है। 2005 में तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार एवं 2009 में सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा गया। त्रिपुरा में बढ़ती उग्रवादी गतिविधियों के दौरान पंवार को तैनात किया गया था। उन्होंने एरिया कमाण्डर को मार उग्रवादियों का हौसला पस्त किया था। पंवार की बहादुरी पर उन्हें पुलिस पदक से नवाजा गया था।