
रायपुर मारवाड़। छह साल पहले राज्य की पूर्व सरकार द्वारा लागू की गई जननी एक्सप्रेस 104 योजना चिकित्सा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते क्षेत्र में आज तक साकार नहीं हो पाई है। इस योजना के तहत विभाग ने जिले के दस ब्लॉक में से 9 ब्लॉक पर उक्त एम्बुलेंस तो उपलब्ध करवा दी लेकिन रायपुर मुख्यालय पर आज तक न तो एबुलेंस भेजी और न ही इस योजना का जरूरतमंदों को लाभ मिल पाया है।
ये है जननी एक्सप्रेस 104 योजना
सुरक्षित मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए वर्ष 2012 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत योजना लागू की गई थी। इस योजना के तहत चिकित्सालयों में एक विशेष एम्बुलेंस उपलब्ध करानी थी। यह एम्बुलेंस गर्भवती महिलाओं को घर से चिकित्सालय लाने ले जाने के साथ ही जन्म से एक वर्ष तक की आयु के बीमार बच्चे को चिकित्सालय लाने ले जाने के उपयोग में ली जानी थी। इस एम्बुलेंस के लिए 104 नम्बर पर कॉल कर अपने घर का पता देना था, जिससे ए बुलेंस उस पते पर पहुंचनी थी।
यूं खुली पोल
उपखण्ड क्षेत्र की 35 ग्राम पंचायतों में से अधिकांश गांवों के लोगों को इस योजना की आज तक जानकारी तक नहीं है। जो शिक्षित वर्ग के हैं उन्हें इस योजना की जानकारी थी। इन लोगों ने जब अपने मोबाइल फोन से 104 नम्बर पर सम्पर्क कर एम्बुलेंस की मांग की। इस सुविधा का कंट्रोल रूम जयपुर में है। वहां से कार्मिक ने जवाब दिया कि उनके सिस्टम मेें पाली जिले का रायपुर मुख्यालय कहीं पर नहीं दर्शा रहा है। जिससे वे एम्बुलेंस भेजने में असमर्थ हैं।
जो है उनका भी उपयोग नहीं
मुख्यालय पर महकमे की ओर से एक सामान्य एम्बुलेंस दे रखी है, लेकिन उसका उपयोग चिकित्सकों द्वारा जिला मुख्यालय से दवा लाकर उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर वितरण करने में किया जा रहा है।
आज भी ट्रैक्टर-ट्रोली में आने पर विवश
पहाड़ी क्षेत्र के गांवों में यातायात साधनों का टोटा है। इससे आज भी वहां से गर्भवती महिलाओं को टै्रक्टर-ट्रोली में बैठाकर लाया जा रहा है। इससे कई बार रास्ते में तबीयत बिगडऩे के साथ ही रास्ते में प्रसव हो जाने की भी घटनाएं आम हो गई हैं।
नहीं आई एम्बुलेंस
जननी एक्सप्रेस 104 योजना के तहत हमारे ब्लॉक में आज तक एम्बुलेंस नहीं दी गई है। जिले के अन्य 9 ब्लॉक पर उक्त एम्बुलेंस दे रखी है। हमने अपने उच्चाधिकारियों को पत्र भेज रखा है। एम्बुलेंस मिलने पर ही जरूरतमंदों को इसका लाभ दे पाएंगे। -डॉ. सुरेश यादव, बीसीएमओ, रायपुर